Translations:Golden age/11/hi: Difference between revisions
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यदि हम आकाशीय स्तर | यदि हम पृथ्वी के आकाशीय स्तर में देखें तो हम समझ पाएंगे सतयुग आज एक वास्तविकता है। सतयुग की रूपरेखा हमारे ग्रह पर पूरी होने के इंतज़ार में है। आज मनुष्य के पास यह विकल्प है कि वह या तो सतयुगीन समाज को ओर जाए या फिर निचले तलों पर जा कर पतन का शिकार हो। दिव्यगुरुओं की शिक्षाएँ हमें यह बताती हैं कि हम सतयुग की चेतना को हम कैसे क्रमिक (step-by-step) महसूस कर सकते हैं। | ||
Latest revision as of 10:24, 12 December 2024
यदि हम पृथ्वी के आकाशीय स्तर में देखें तो हम समझ पाएंगे सतयुग आज एक वास्तविकता है। सतयुग की रूपरेखा हमारे ग्रह पर पूरी होने के इंतज़ार में है। आज मनुष्य के पास यह विकल्प है कि वह या तो सतयुगीन समाज को ओर जाए या फिर निचले तलों पर जा कर पतन का शिकार हो। दिव्यगुरुओं की शिक्षाएँ हमें यह बताती हैं कि हम सतयुग की चेतना को हम कैसे क्रमिक (step-by-step) महसूस कर सकते हैं।