Translations:Karma/45/hi: Difference between revisions

From TSL Encyclopedia
No edit summary
No edit summary
 
Line 1: Line 1:
<blockquote>[ईश्वर] हर एक को उसके कर्मों के अनुसार प्रतिफल देते हैं। जो लोग सदैव भले काम करते हैं उनके लिए जीवन अनंत होता है तथा जो सत्य के रास्ते पर नहीं चलते, गलत कर्म करते हैं उन्हें हमेशा क्रोध और रोष का सामना करना पड़ता है। जो भी व्यक्ति भ्रष्टता का मार्ग अपनाता है उसे असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है और जो सत्य के मार्ग पर चलता है उसे प्रसिद्धि, सम्मान और शांति की प्राप्ति होती है... ईश्वर किसी का का पक्षपात नहीं करते। इंसान को सिर्फ उसके कर्मों का फल मिलता है। <ref>रोम। २:६-११ (जेरूसलम बाइबिल)</ref></blockquote>
<blockquote>[ईश्वर] प्रत्येक मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार प्रतिफल देते हैं। जो लोग सदैव भले काम करते हैं उनके लिए जीवन अनंत होता है तथा जो सत्य के रास्ते पर नहीं चलते, गलत कर्म करते हैं उन्हें हमेशा क्रोध और रोष का सामना करना पड़ता है। जो भी व्यक्ति भ्रष्टता का मार्ग अपनाता है उसे असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है और जो सत्य के मार्ग पर चलता है उसे प्रसिद्धि, सम्मान और शांति की प्राप्ति होती है... ईश्वर किसी का का पक्षपात नहीं करते। इंसान को सिर्फ उसके कर्मों का फल मिलता है। <ref>रोम। २:६-११ (जेरूसलम बाइबिल)</ref></blockquote>

Latest revision as of 11:14, 14 February 2025

Information about message (contribute)
This message has no documentation. If you know where or how this message is used, you can help other translators by adding documentation to this message.
Message definition (Karma)
<blockquote>[God] will repay each one as his works deserve. For those who sought renown and honor and immortality by always doing good there will be eternal life; for the unsubmissive who refused to take truth for their guide and took depravity instead, there will be anger and fury. Pain and suffering will come to every human being who employs himself in evil...; renown, honor and peace will come to everyone who does good.... God has no favorites.<ref>Rom. 2:6–11 (Jerusalem Bible).</ref></blockquote>

[ईश्वर] प्रत्येक मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार प्रतिफल देते हैं। जो लोग सदैव भले काम करते हैं उनके लिए जीवन अनंत होता है तथा जो सत्य के रास्ते पर नहीं चलते, गलत कर्म करते हैं उन्हें हमेशा क्रोध और रोष का सामना करना पड़ता है। जो भी व्यक्ति भ्रष्टता का मार्ग अपनाता है उसे असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है और जो सत्य के मार्ग पर चलता है उसे प्रसिद्धि, सम्मान और शांति की प्राप्ति होती है... ईश्वर किसी का का पक्षपात नहीं करते। इंसान को सिर्फ उसके कर्मों का फल मिलता है। [1]

  1. रोम। २:६-११ (जेरूसलम बाइबिल)