Translations:Cosmic clock/23/hi: Difference between revisions
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प्रत्येक पारित परीक्षा हमारे चक्रों में पवित्र अग्नि का संचार करती है। | प्रत्येक पारित परीक्षा हमारे चक्रों में पवित्र अग्नि का संचार करती है। इसका अर्थ है कि दीक्षा संचयी (cumulative) है। हम एक रेखा के गुणों में सक्षम हो कर जो सीखते हैं उसे अगली रेखा में ले जाना होता है, और इस तरह यह उस क्षेत्र में महारत हासिल करने की नींव बन जाती है। इसी तरह, जिस पुण्य कर्म को हम एक रेखा में नहीं सीख पाते, उसे अगली रेखा में जाकर नहीं सीखा जा सकता। इसलिए हमें तैयारी करनी चाहिए। | ||
Revision as of 10:09, 15 March 2024
प्रत्येक पारित परीक्षा हमारे चक्रों में पवित्र अग्नि का संचार करती है। इसका अर्थ है कि दीक्षा संचयी (cumulative) है। हम एक रेखा के गुणों में सक्षम हो कर जो सीखते हैं उसे अगली रेखा में ले जाना होता है, और इस तरह यह उस क्षेत्र में महारत हासिल करने की नींव बन जाती है। इसी तरह, जिस पुण्य कर्म को हम एक रेखा में नहीं सीख पाते, उसे अगली रेखा में जाकर नहीं सीखा जा सकता। इसलिए हमें तैयारी करनी चाहिए।