Human ego/hi: Difference between revisions

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[[Special:MyLanguage/Dweller-on-the-threshold|दहलीज़ पर रहने वाला हमारा नकरात्मक रूप]]
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[[Special:MyLanguage/carnal mind|दैहिक मस्तिष्क]]
[[Special:MyLanguage/carnal mind|ईश्वर विरोधी दिमाग]]


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Revision as of 10:25, 1 February 2025

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व्यक्तित्व का वह हिस्सा जो मानवीय चेतना को ही सम्पूर्ण सत्य मानता है; उच्च-चेतना विरोधी, कृत्रिम छवि

फिर भी मनुष्य में सकारात्मक अहम्, सफल और स्वस्थ आत्म-छवि का होना बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व है जो मनुष्य को निडर होकर दिव्य अहम् तक पहुँचने में सक्षम बनाता है, हर कदम पर मानवीय अहम् स्वयं को त्यागता है, और अतीत की घटनाओं को तब तक त्यागता रहता है जब तक वह पूर्ण रूप से शुद्ध नहीं हो जाता। इस नए दीप्तिमान अस्तित्व में सात्विक आनंद व्यक्ति के स्वार्थ और वास्तविकता की एक नई परिभाषा है। कहते हैं कि ईश्वर के प्रति स्वस्थ समर्पण के लिए एक स्वस्थ अहम अति आवश्यक है।

इसे भी देखिये

दहलीज़ पर रहने वाला हमारा नकरात्मक रूप

ईश्वर विरोधी दिमाग

स्रोत

Mark L. Prophet and Elizabeth Clare Prophet, Saint Germain On Alchemy: Formulas for Self-Transformation