Translations:Dweller-on-the-threshold/15/hi: Difference between revisions

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"अवचेतन मन की दहलीज़ पर स्तिथ कृत्रिम रूप"
"अवचेतन मन की दहलीज़ पर स्तिथ कृत्रिम रूप"
थियोसोफिस्ट रेजिनाल्ड डब्ल्यू. मैकहेल (Theosophist Reginald W. Machell) (लगभग 1895) द्वारा बनाई गई पेंटिंग में है। मैकहेल ने बताया कि यह एक ऐसे व्यक्ति को दिखाती है जो “ ईश्वरीय मार्ग से बाहर स्वयं की छाया जिसका वह सामना करता है।” फिर भी, अंततः, दीक्षा प्राप्त व्यक्ति “अपने उच्चतर स्व के दूरदर्शिता के ज्ञान” तक पहुँचता है।
थियोसोफिस्ट रेजिनाल्ड डब्ल्यू. मैकहेल (Theosophist Reginald W. Machell) (लगभग 1895) द्वारा बनाई गई पेंटिंग में है। मैकहेल ने बताया कि यह एक ऐसे व्यक्ति को दिखाती है जो “ ईश्वरीय मार्ग से बाहर स्वयं की छाया जिसका वह सामना करता है।” फिर भी, अंततः, दीक्षा प्राप्त व्यक्ति “अपने आत्मिक चेतना  के दूरदर्शी ज्ञान” तक पहुँचता है।

Revision as of 10:32, 9 February 2025

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Message definition (Dweller-on-the-threshold)
''The Dweller on the Threshold'', painting by Theosophist Reginald W. Machell (c. 1895). Machell explained that it shows a man “confronted with the shadow of self outside the path.” Yet, eventually, the initiate reaches “the vision of his own higher self—the knowledge of true occultism.”

"अवचेतन मन की दहलीज़ पर स्तिथ कृत्रिम रूप" थियोसोफिस्ट रेजिनाल्ड डब्ल्यू. मैकहेल (Theosophist Reginald W. Machell) (लगभग 1895) द्वारा बनाई गई पेंटिंग में है। मैकहेल ने बताया कि यह एक ऐसे व्यक्ति को दिखाती है जो “ ईश्वरीय मार्ग से बाहर स्वयं की छाया जिसका वह सामना करता है।” फिर भी, अंततः, दीक्षा प्राप्त व्यक्ति “अपने आत्मिक चेतना के दूरदर्शी ज्ञान” तक पहुँचता है।