Translations:Kuthumi/35/hi: Difference between revisions
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अगर हम इन दिव्यगुरु का [[Special:MyLanguage/mantra|मंत्र]] "आई ऍम लाइट" (I AM Light) बोलते हैं तो वह अच्छी तरह से हमारी सहायता कर सकते हैं। यह मंत्र ईश्वर के ज्ञान के विकास तथा उनके श्वेत प्रकाश की बढ़ोतरी के लिए है। इससे हमे यह अनुभव होता है कि ईश्वर हमारे अंदर ही | अगर हम इन दिव्यगुरु का [[Special:MyLanguage/mantra|मंत्र]] "आई ऍम लाइट" (I AM Light) बोलते हैं तो वह अच्छी तरह से हमारी सहायता कर सकते हैं। यह मंत्र ईश्वर के ज्ञान के विकास तथा उनके श्वेत प्रकाश की बढ़ोतरी के लिए है। इससे हमे यह अनुभव होता है कि ईश्वर हमारे अंदर ही हैं। जब हम ईश्वर के करीब जाते हैं तो ईश्वर भी हमारे पास आते हैं, और फिर देवदूत भी एकत्र होकर हमारे [[Special:MyLanguage/aura|आभामंडल]] को और प्रभावी बनाते हैं। कुथुमी ने अपनी पुस्तक "स्टडीज ऑफ़ ह्यूमन ऑरा" (Studies of the Human Aura) में "आई एम लाइट" (I AM Light) मंत्र का उपयोग करते हुए एक त्रिगुणी अभ्यास के बारे में बताते हैं, जिसे छात्र अपनी आभामंडल के आवरण को मजबूत करने के उद्देश्य से कर सकते हैं ताकि वे ईश्वर की चेतना को बनाए रख सकें। | ||
Revision as of 10:25, 10 May 2025
अगर हम इन दिव्यगुरु का मंत्र "आई ऍम लाइट" (I AM Light) बोलते हैं तो वह अच्छी तरह से हमारी सहायता कर सकते हैं। यह मंत्र ईश्वर के ज्ञान के विकास तथा उनके श्वेत प्रकाश की बढ़ोतरी के लिए है। इससे हमे यह अनुभव होता है कि ईश्वर हमारे अंदर ही हैं। जब हम ईश्वर के करीब जाते हैं तो ईश्वर भी हमारे पास आते हैं, और फिर देवदूत भी एकत्र होकर हमारे आभामंडल को और प्रभावी बनाते हैं। कुथुमी ने अपनी पुस्तक "स्टडीज ऑफ़ ह्यूमन ऑरा" (Studies of the Human Aura) में "आई एम लाइट" (I AM Light) मंत्र का उपयोग करते हुए एक त्रिगुणी अभ्यास के बारे में बताते हैं, जिसे छात्र अपनी आभामंडल के आवरण को मजबूत करने के उद्देश्य से कर सकते हैं ताकि वे ईश्वर की चेतना को बनाए रख सकें।