Translations:Lemuria/8/hi: Difference between revisions
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
||
| Line 1: | Line 1: | ||
दिव्य माँ की संस्कृति के पंथ को मानने और उसकी आराधना करने की पद्यति | दिव्य माँ की संस्कृति के पंथ को मानने और उसकी आराधना करने की पद्यति बीसवीं सदी में अपने चरम पर थी और लेमूरिया सभ्यता की नीवं थी। पृथ्वी पर जीवन का विकास इस ग्रह पर आत्मा के भौतिक रूप में आने का प्रतीक है। यहां पर शुरुआती [[Special:MyLanguage/root race|रूट रेस]] ने एक नहीं बल्कि कई [[Special:MyLanguage/golden age|सत युगों]] के दौरान अपनी दिव्य योजना को पूरा किया; यहीं पर [[Special:MyLanguage/Fall of man|मनुष्य के पतन]] से पहले मानवता अपनी चर्म सीमा पर थी; यहीं पर पौरुष की किरण ([[Special:MyLanguage/Spirit|आत्मा]]) के नीचे आते हुए सर्पिल रूप को स्त्रीवाची किरण ([[Special:MyLanguage/Matter|पदार्थ]]) के ऊपर उठने वाले सर्पिल के मिलन के माध्यम से भौतिक दुनिया में महसूस किया गया था। | ||
Revision as of 09:44, 19 October 2025
दिव्य माँ की संस्कृति के पंथ को मानने और उसकी आराधना करने की पद्यति बीसवीं सदी में अपने चरम पर थी और लेमूरिया सभ्यता की नीवं थी। पृथ्वी पर जीवन का विकास इस ग्रह पर आत्मा के भौतिक रूप में आने का प्रतीक है। यहां पर शुरुआती रूट रेस ने एक नहीं बल्कि कई सत युगों के दौरान अपनी दिव्य योजना को पूरा किया; यहीं पर मनुष्य के पतन से पहले मानवता अपनी चर्म सीमा पर थी; यहीं पर पौरुष की किरण (आत्मा) के नीचे आते हुए सर्पिल रूप को स्त्रीवाची किरण (पदार्थ) के ऊपर उठने वाले सर्पिल के मिलन के माध्यम से भौतिक दुनिया में महसूस किया गया था।