Translations:Lemuria/8/hi: Difference between revisions

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दिव्य माँ की संस्कृति का पंथ जो बीसवीं सदी में प्रमुखता से उभरने वाला था, लेमूरिया सभ्यता की नीवं थी। वह खोया हुआ महाद्वीप हज़ारों साल पहले प्रशांत महासागर में डूब गया था। पृथ्वी पर जीवन का विकास इस ग्रह पर आत्मा के भौतिक रूप में आने का प्रतीक है। यहां पर शुरुआती [[Special:MyLanguage/root race|रूट रेस]] (early root race) ने एक नहीं बल्कि कई [[Special:MyLanguage/golden age|सतयुगों]] (golden ages) के दौरान अपनी दिव्य योजनाओं को पूरा किया; यहीं पर [[Special:MyLanguage/Fall of man|मनुष्य के पतन]] से पहले मानवता अपनी चर्म सीमा पर थी; यहीं पर पौरुष की किरण ([[Special:MyLanguage/Spirit|निराकार आत्मा]]) के नीचे आते हुए सर्पिल रूप को स्त्रीवाची किरण ([[Special:MyLanguage/Matter|पदार्थ]]) के ऊपर उठने वाले सर्पिल के मिलन के माध्यम से भौतिक दुनिया में महसूस किया गया था।
दिव्य माँ की संस्कृति का पंथ जो बीसवीं सदी में प्रमुखता से उभरने वाला था, लेमूरिया सभ्यता की नीवं थी। वह खोया हुआ महाद्वीप हज़ारों साल पहले प्रशांत महासागर में डूब गया था। पृथ्वी पर जीवन का विकास इस ग्रह पर आत्मा के भौतिक रूप में आने का प्रतीक है। यहां पर शुरुआती [[Special:MyLanguage/root race|रूट रेस]] (early root race) ने एक नहीं बल्कि कई [[Special:MyLanguage/golden age|सतयुगों]] (golden ages) के दौरान अपनी दिव्य योजनाओं को पूरा किया; यहीं पर [[Special:MyLanguage/Fall of man|मनुष्य के पतन]] से पहले मानवता अपनी चर्म सीमा पर थी; यहीं पर पौरुष की किरण ([[Special:MyLanguage/Spirit|निराकार आत्मा]]) के अवरोही चक्र के सर्पिल रूप और स्त्रीवाची किरण ([[Special:MyLanguage/Matter|पदार्थ]]) के आरोही चक्र सर्पिल के माध्यम से भौतिक दुनिया में साकार किया गया था।  
 
पुरुष किरण ([[आत्मा]] के अवरोही चक्र) को रूप की दुनिया में स्त्री किरण ([[पदार्थ]] के आरोही चक्र) के माध्यम से साकार किया गया।

Revision as of 10:35, 19 October 2025

Information about message (contribute)
CHM vol. 1
Message definition (Lemuria)
The cult of the Mother, destined to come into prominence in the twentieth century, was the foundation of the civilization of Lemuria—that lost continent that sank beneath the Pacific Ocean many thousands of years ago. The evolution of life in the Motherland and her colonies represented the initial thrust of Spirit into Matter on this planet. Here, where the early [[root race]]s completed the cycles of their divine plan during not one but several [[golden age]]s that reached their apex prior to the [[Fall of man]], the masculine ray (the descending spirals of [[Spirit]]) was realized through the feminine ray (the ascending spirals of [[Matter]]) in the world of form.

दिव्य माँ की संस्कृति का पंथ जो बीसवीं सदी में प्रमुखता से उभरने वाला था, लेमूरिया सभ्यता की नीवं थी। वह खोया हुआ महाद्वीप हज़ारों साल पहले प्रशांत महासागर में डूब गया था। पृथ्वी पर जीवन का विकास इस ग्रह पर आत्मा के भौतिक रूप में आने का प्रतीक है। यहां पर शुरुआती रूट रेस (early root race) ने एक नहीं बल्कि कई सतयुगों (golden ages) के दौरान अपनी दिव्य योजनाओं को पूरा किया; यहीं पर मनुष्य के पतन से पहले मानवता अपनी चर्म सीमा पर थी; यहीं पर पौरुष की किरण (निराकार आत्मा) के अवरोही चक्र के सर्पिल रूप और स्त्रीवाची किरण (पदार्थ) के आरोही चक्र सर्पिल के माध्यम से भौतिक दुनिया में साकार किया गया था।

पुरुष किरण (आत्मा के अवरोही चक्र) को रूप की दुनिया में स्त्री किरण (पदार्थ के आरोही चक्र) के माध्यम से साकार किया गया।