मनुष्य को मोक्ष पाने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्वर्ग भीतर ही है। और जो आपके भीतर है, वही हमारा राज्य है।<ref>मैत्रेय भगवान, "ॐ," {{POWref|२७|१५|, ८ अप्रैल, १९८४}}</ref>
मनुष्य को मोक्ष पाने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्वर्ग भीतर ही है। और जो आपके भीतर है, वही हमारा राज्य है।<ref>मैत्रेय बुद्ध,
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"ॐ," {{POWref|२७|१५|, ८ अप्रैल, १९८४}}</ref>
</blockquote> (Maitreya Buddha)
Revision as of 21:55, 26 January 2026
मनुष्य को मोक्ष पाने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्वर्ग भीतर ही है। और जो आपके भीतर है, वही हमारा राज्य है।[1]
(Maitreya Buddha)
↑मैत्रेय बुद्ध,
"ॐ," Pearls of Wisdom, vol. २७, no. १५, ८ अप्रैल, १९८४.