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रोशनी का समूह या फिर चमकती हुई ऊर्जा। ईश्वरत्व से उत्पन्न हुआ प्रकाश जो [[Special:MyLanguage/Christ|ईश्वर]] के नाम का आह्वान करने पर मनुष्य के जीवन में लौ (flame) के रूप में प्रकट होता है।  
रोशनी का समूह या फिर चमकती हुई ऊर्जा। ईश्वरत्व से उत्पन्न हुआ प्रकाश जो [[Special:MyLanguage/Christ|ईश्वर]] के नाम का आह्वान करने पर मनुष्य के जीवन में लौ (flame) के रूप में प्रकट होता है।  


दिव्यगुरू और अनवतीर्ण गुरु अपनी ईश्वरीय चेतना द्वारा मनुष्यों के विभिन्न [[Special:MyLanguage/chakra|चक्रों]] तथा [[Special:MyLanguage/third eye|तृतीय नेत्र]] में किरणों का प्रक्षेपण करते हैं। इससे मनुष्य में प्रेम, सत्य, ज्ञान, तथा उपचार करने की ईश्वरीय क्षमता का विकास होता है।  
दिव्यगुरू और अनवतीर्ण गुरु अपनी ईश्वरीय चेतना द्वारा मनुष्यों के विभिन्न [[Special:MyLanguage/chakra|चक्रों]] (chakras) तथा [[Special:MyLanguage/third eye|तृतीय नेत्र]] (third eye) में किरणों का प्रक्षेपण करते हैं। इससे मनुष्य में प्रेम, सत्य, ज्ञान, तथा उपचार करने की ईश्वरीय क्षमता का विकास होता है।  


जो लोग [[Special:MyLanguage/black magic|काला जादू]] करते हैं वे ईश्वर की ऊर्जा का दुरुपयोग कर, नकारात्मक गुणों वाली किरणों का प्रक्षेपण करते हैं। मृत्यु की किरणें, नींद की किरणें, सम्मोहन की किरणें, रोग की किरणें, [[Special:MyLanguage/Psychotronics|मनोरोगी]] किरणें, और [[Special:MyLanguage/evil eye|बुरी नज़र]] आदि नकारत्मक किरणों के कुछ प्रकार हैं।  
जो लोग [[Special:MyLanguage/black magic|काला जादू]] करते हैं वे ईश्वर की ऊर्जा का दुरुपयोग कर, नकारात्मक गुणों वाली किरणों का प्रक्षेपण करते हैं। मृत्यु की किरणें, नींद की किरणें, सम्मोहन की किरणें, रोग की किरणें, [[Special:MyLanguage/Psychotronics|मनोरोगी]] किरणें, और [[Special:MyLanguage/evil eye|बुरी नज़र]] आदि नकारत्मक किरणों के कुछ प्रकार हैं।  

Revision as of 10:07, 31 January 2026

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रोशनी का समूह या फिर चमकती हुई ऊर्जा। ईश्वरत्व से उत्पन्न हुआ प्रकाश जो ईश्वर के नाम का आह्वान करने पर मनुष्य के जीवन में लौ (flame) के रूप में प्रकट होता है।

दिव्यगुरू और अनवतीर्ण गुरु अपनी ईश्वरीय चेतना द्वारा मनुष्यों के विभिन्न चक्रों (chakras) तथा तृतीय नेत्र (third eye) में किरणों का प्रक्षेपण करते हैं। इससे मनुष्य में प्रेम, सत्य, ज्ञान, तथा उपचार करने की ईश्वरीय क्षमता का विकास होता है।

जो लोग काला जादू करते हैं वे ईश्वर की ऊर्जा का दुरुपयोग कर, नकारात्मक गुणों वाली किरणों का प्रक्षेपण करते हैं। मृत्यु की किरणें, नींद की किरणें, सम्मोहन की किरणें, रोग की किरणें, मनोरोगी किरणें, और बुरी नज़र आदि नकारत्मक किरणों के कुछ प्रकार हैं।

इसे भी देखिये

सात किरणें

अधिक जानकारी के लिए

Mark L. Prophet and Elizabeth Clare Prophet, Lords of the Seven Rays

स्रोत

Mark L. Prophet and Elizabeth Clare Prophet, Saint Germain On Alchemy: Formulas for Self-Transformation