Translations:Readings/8/hi: Difference between revisions
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
||
| Line 1: | Line 1: | ||
दिव्य गुरु [[Special:MyLanguage/four planes of matter|पदार्थ के चार स्तरों]] (four planes of matter) पर [[Special:MyLanguage/Christ Self|स्व चेतना]] के साथ आत्मा के एकीकरण का शुद्ध आंकलन करते हैं। वे शिष्यों को उनके वर्तमान जीवन की [[Special:MyLanguage/divine plan|दिव्य योजना]] (divine plan) की स्मृति दिलाते हैं और उन्हें [[Special:MyLanguage/Path|पथ]] (Path) पर उनकी प्रगति के बारे में ज्ञान देते हैं। दिव्या गुरु [[Special:MyLanguage/Lords of Karma|कर्म के स्वामी]] (Lords of Karma) के मूल्यांकन के आधार पर जीवात्मा के उद्धार के लिए आवश्यक चाज़ों के बारे में बताते हैं। ये सब बातें वो [[Special:MyLanguage/Book of Life|बुक ऑफ़ लाइफ]] (Book of Life) और [[Special:MyLanguage/Keeper of the Scrolls| | दिव्य गुरु [[Special:MyLanguage/four planes of matter|पदार्थ के चार स्तरों]] (four planes of matter) पर [[Special:MyLanguage/Christ Self|स्व चेतना]] के साथ आत्मा के एकीकरण का शुद्ध आंकलन करते हैं। वे शिष्यों को उनके वर्तमान जीवन की [[Special:MyLanguage/divine plan|दिव्य योजना]] (divine plan) की स्मृति दिलाते हैं और उन्हें [[Special:MyLanguage/Path|पथ]] (Path) पर उनकी प्रगति के बारे में ज्ञान देते हैं। दिव्या गुरु [[Special:MyLanguage/Lords of Karma|कर्म के स्वामी]] (Lords of Karma) के मूल्यांकन के आधार पर जीवात्मा के उद्धार के लिए आवश्यक चाज़ों के बारे में बताते हैं। ये सब बातें वो [[Special:MyLanguage/Book of Life|बुक ऑफ़ लाइफ]] (Book of Life) और [[Special:MyLanguage/Keeper of the Scrolls|कर्मों को सूची पत्र में लिखने वाले देवदूत]] (Keeper of the Scrolls) में लिखित अभिलेखों से लेते हैं। | ||
Revision as of 08:50, 1 February 2026
दिव्य गुरु पदार्थ के चार स्तरों (four planes of matter) पर स्व चेतना के साथ आत्मा के एकीकरण का शुद्ध आंकलन करते हैं। वे शिष्यों को उनके वर्तमान जीवन की दिव्य योजना (divine plan) की स्मृति दिलाते हैं और उन्हें पथ (Path) पर उनकी प्रगति के बारे में ज्ञान देते हैं। दिव्या गुरु कर्म के स्वामी (Lords of Karma) के मूल्यांकन के आधार पर जीवात्मा के उद्धार के लिए आवश्यक चाज़ों के बारे में बताते हैं। ये सब बातें वो बुक ऑफ़ लाइफ (Book of Life) और कर्मों को सूची पत्र में लिखने वाले देवदूत (Keeper of the Scrolls) में लिखित अभिलेखों से लेते हैं।