Translations:Readings/4/hi: Difference between revisions

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इस प्रकार का पठन केवल एक आयाम की ही जानकारी देता है - वो इसलिए क्योंकि यह सिर्फ मनुष्य के भौतिक जीवन के अनुभवों को ही देखता समझता है, यह इन अनुभवों का संज्ञान जीवात्मा की [[Special:MyLanguage/Higher Self|आत्मा]] के साथ मिलन की दृष्टि से नहीं लेता अतः सिर्फ कारण के तल से प्रभाव के तल तक सीमित रहता है। इस प्रकार का पठन अंतर्मन में छुपी हुई गहरी भावनाओं को अवश्य जगाता है परन्तु यह उस उत्साह को नहीं दर्शा पाता जो आत्मा से मिलन होने पर जीवात्मा को मिलता है; यह पठन उस प्रसन्नता को नहीं प्रकट कर पाता जो जीवात्मा को एक [[Special:MyLanguage/dark night|अँधेरी रात्रि]] पर विजय प्राप्त करके मिलती है।
इस प्रकार का पठन निम्न आत्म (Lower Self) के अनुभवों को ध्यान में रखता है, और इसमें उच्च आत्म (Higher Self) के साथ आत्मा के निरंतर एकीकरण (ongoing integration) का लाभ नहीं होता— वह केवल एक आयाम (one dimensional) की ही जानकारी देता है, वो इसलिए क्योंकि यह सिर्फ मनुष्य के भौतिक जीवन के अनुभवों को ही देखता और समझता है, यह इन अनुभवों का संज्ञान जीवात्मा की [[Special:MyLanguage/Higher Self|आत्मा]] के साथ मिलन की दृष्टि से नहीं लेता अतः सिर्फ कारण के तल (Plane of Causation) से प्रभाव के तल (Plane of Effect) तक सीमित रहता है। इस प्रकार का पठन अंतर्मन में छुपी हुई गहरी भावनाओं को अवश्य जगाता है परन्तु यह उस उत्साह को नहीं दर्शा पाता जो आत्मा से मिलन होने पर जीवात्मा को मिलता है; यह पठन उस प्रसन्नता को नहीं प्रकट कर पाता जो जीवात्मा को एक [[Special:MyLanguage/dark night|अँधेरी रात्रि]] पर विजय प्राप्त करके मिलती है।
 
 
क्योंकि इस प्रकार की रीडिंग निम्न आत्म (Lower Self) के अनुभवों को ध्यान में रखती है, और इसमें उच्च आत्म (Higher Self) के साथ आत्मा के निरंतर एकीकरण (ongoing integration) का लाभ नहीं होता—
जहाँ उच्च आत्म कारण के तल (Plane of Causation) से परिणाम के तल (Plane of Effect) पर स्वयं को नीचे से देखती है—
इसलिए ऐसी रीडिंग अधिक से अधिक एक-आयामी (one dimensional) होती है।

Latest revision as of 10:27, 1 February 2026

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Message definition (Readings)
Since this takes into account experiences of the lower self without benefit of the soul’s ongoing integration with the [[Higher Self]] and its point of perspective—looking down upon herself from the plane of causation to the plane of effect—such a reading is at best one dimensional. It may be a rerun that evokes deep emotions, but it will fail to re-create the rapture of the soul’s self-transcendence in Higher Consciousness—the victorious denouement of her passage through the [[dark night]].

इस प्रकार का पठन निम्न आत्म (Lower Self) के अनुभवों को ध्यान में रखता है, और इसमें उच्च आत्म (Higher Self) के साथ आत्मा के निरंतर एकीकरण (ongoing integration) का लाभ नहीं होता— वह केवल एक आयाम (one dimensional) की ही जानकारी देता है, वो इसलिए क्योंकि यह सिर्फ मनुष्य के भौतिक जीवन के अनुभवों को ही देखता और समझता है, यह इन अनुभवों का संज्ञान जीवात्मा की आत्मा के साथ मिलन की दृष्टि से नहीं लेता अतः सिर्फ कारण के तल (Plane of Causation) से प्रभाव के तल (Plane of Effect) तक सीमित रहता है। इस प्रकार का पठन अंतर्मन में छुपी हुई गहरी भावनाओं को अवश्य जगाता है परन्तु यह उस उत्साह को नहीं दर्शा पाता जो आत्मा से मिलन होने पर जीवात्मा को मिलता है; यह पठन उस प्रसन्नता को नहीं प्रकट कर पाता जो जीवात्मा को एक अँधेरी रात्रि पर विजय प्राप्त करके मिलती है।