Translations:Readings/10/hi: Difference between revisions
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वायलेट लौ स्वयं ही जीवात्मा के समक्ष अतीत की झलकियाँ प्रकट कर सकती है क्योंकि ये सभी स्मृतियाँ [[Special:MyLanguage/transmutation|रूपांतरण]] (transmutation) के लिए वायलेट | वायलेट लौ स्वयं ही जीवात्मा के समक्ष अतीत की झलकियाँ प्रकट कर सकती है क्योंकि ये सभी स्मृतियाँ [[Special:MyLanguage/transmutation|रूपांतरण]] (transmutation) के लिए वायलेट लौ में ही प्रवेश करती हैं। वायलेट लौ द्वारा रूपांतरण हमें हमारे बीते हुए कल की गलतियों से मुक्त कर अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने के लिए स्वतंत्र करता है। | ||
Revision as of 12:18, 1 February 2026
वायलेट लौ स्वयं ही जीवात्मा के समक्ष अतीत की झलकियाँ प्रकट कर सकती है क्योंकि ये सभी स्मृतियाँ रूपांतरण (transmutation) के लिए वायलेट लौ में ही प्रवेश करती हैं। वायलेट लौ द्वारा रूपांतरण हमें हमारे बीते हुए कल की गलतियों से मुक्त कर अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने के लिए स्वतंत्र करता है।