Translations:Christ/6/hi

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सृष्टि में ईश्वरत्व की सकारात्मक (positive) और नकारात्मक ध्रुवता (negative polarity) की ऊर्जाओं का मिश्रण सार्वभौमिक आत्मा (Universal Christ) के माध्यम से होता है। ईश्वेरिये रचना लोगोस (Logos) के द्वारा ही हुई है। सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड (Macrocosm) से सूक्ष्म जगत (microcosm) तक, ईश्वरीय स्वरुप और जीवात्मा के बीच प्रकाश का प्रवाह उच्च चेतना (आत्मा) में अंक आठ की आकृति के द्वारा होता है - यही उच्च चेतना अहम् ब्रह्मास्मि का प्रतिरूप है। क्योंकि उच्च चेतना ईश्वर का प्रतिरूप है, हम भी कह सकते हैं, "मुझमें निहित ईश्वरीय प्रकाश एक खुला दरवाजा है जिसे कोई बंद नहीं कर सकता" और "मुझ में निहित ईश्वरीय प्रकाश ने मुझे स्वर्ग और पृथ्वी दोनों स्थानों पर सम्पूर्ण शक्ति दी है" और "मुझ में निहित ईश्वरीय प्रकाश हमेशा जीवित रहता है - यत पिंडे-तत ब्रह्माण्डे (as Above, so below)- मेरे पास स्वर्ग में जाने की चाबियाँ हैं, नर्क और मृत्यु के मार्ग की भी। ईश्वर जिसे भी इस मार्ग के बारे में बताना चाहते हैं और चाबियाँ देना चाहते हैं, मैं उसे चाबियाँ दे देता हूँ।