Revision as of 07:46, 29 April 2024 by RajKumari(talk | contribs)(Created page with "धोखे में मत रहना; मनुष्य जो कुछ बोता, उसे वही काटना होता है अर्थात जैसा कर्म वैसा ही फल। वो कहते हैं ना: बोया पेड़ बबूल का तो आजम कहाँ से होये!<ref>Gal. ६:५, ७.</ref> </blockquote>")