Translations:Psychic/11/hi

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मनुष्य को मोक्ष पाने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्वर्ग भीतर ही है। और जो आपके भीतर है, वही हमारा राज्य है।[1]

  1. भगवान मैत्रेय, "ॐ," Pearls of Wisdom, vol. २७, no. १५, ८ अप्रैल, १९८४.