Translations:Readings/9/hi
चूंकि अवचेतन (subconscious) से लिया गया पाठ उन अभिलेखों को खोलता है जिन्हें इस जीवनकाल के लिए स्व चेतना द्वारा ज्ञान के नाम पर मोहर लगाकर बंद कर दिया गया है, इसलिए दिव्य गुरु ये सुझाव देते हैं कि इन अभिलेखों को पढ़ने के बजाय, वायलेट लौ का आह्वान किया जाए ताकि बिना किसी पूर्व परीक्षण के इन अभिलेखों का रूपांतरण कर दिया जाए। ऐसा करने से जीवात्मा प्रतिपल ईश्वर के समीप होती जाती है, तथा अतीत की स्मृतियों को पार कर, शाश्वत वर्तमान में रह अपनी उच्च चेतना द्वारा सुदृढ़ होती है।