सेराफिम

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आग से अभिषेक किये हुए आईज़ेयाह के होंठ, बेंजामिन वेस्ट का चित्र

सेराफिम सेराफ शब्द का बहुवचन है। सेराफिम को सेराफिक सेना भी कह सकते हैं। यह देवदूतों का वह समूह है जो पवित्रता के चेतना एवं पवित्र अग्नि को ईश्वर के सिंहासन के समक्ष महान केंद्रीय सूर्य की इलेक्ट्रॉनिक अग्नि के भवरों में और सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में आत्मा और पदार्थ के स्तरों पर केंद्रित करता है।

जस्टिनियस सेराफिक समूह के कप्तान हैं। उनके निर्देशन में ही सेराफिम महान केंद्रीय सूर्य में स्थित ईश्वर, आध्यात्मिक ज्वाला तथा लक्सर में स्थित आध्यात्मिक उत्थान के मंदिर में सेवा करते हैं। सेरापिस बे आध्यात्मिक उत्थान के मंदिर के अधिपति है और चौथी किरण के चौहान हैं। मूलतः ये सेराफिम संप्रदाय के सदस्य हैं।

आईज़ेयाह ने सेराफिम को कैसे देखा

आईज़ेयाह ने “सेराफिम” को ईश्वर के सिंहासन के ऊपर खड़े देखा, उन्होंने प्रत्येक के छह पंख देखे [हिब्रू में सेराफिम का अर्थ ‘जलाने वाले’होता है]

ईश्वर की महिमा के समक्ष उन्होंने अपने चेहरे को ढक लिया, ईश्वर के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उन्होंने अपने पैरों को ढक लिया और फिर उन्होंने भौतिकता के स्तर को छोड़ते हुए महान केंद्रीय सूर्य के स्तर की दिशा में अपनी उड़ान भरी[1]

सेराफिम धरती पर ईश्वर के अनुयायियों को दीक्षा देते हैं, वे उन सभी लोगों को शुद्ध और पवित्र करते हैं जिन्हें पुजारियों, भविष्यवक्ताओं, संदेशवाहकों आदि के रूप चुना गया है। आईज़ेयाह ने भी सेराफिक दीक्षा प्राप्त की थी, जिसका उन्होंने वर्णन किया है:

तब एक सेराफिम मेरे पास आया, उसके हाथ में एक जलता हुआ अंगारा था, जिसे उसने चिमटे से पकड़ा हुआ था। मेरे मुँह पर वह अंगारा रखते हुए उसने कहा, "देखो, इसके छूने से और तेरा अधर्म दूर हो गया है, पाप नष्ट हो गया है।[2]

सेराफिम का कार्य

सेरापिस बे ने अपनी पुस्तक डॉसियर ऑन द एसेंशन में सेराफिम के उस समय का वर्णन किया है जब उन्होंने सेराफिम को देखा:

सेराफिम वायुमंडल से गुज़रती हुई आग की लपटों की तरह आये, तब मुझे ये समझा आ गया कि उनके पास ब्रह्माण्ड को भेदने की क्षमता है। ब्रह्मांडीय किरणों की तरह ही वे मनुष्य के शरीर, उसके विचारों और भावनाओं से में प्रवेश कर सकते हैं। जब सेराफिम मानव चेतना से होकर निकले तो मनुष्य के पास क्या बचा या फिर मनुष्य ने क्या ग्रहण किया?

मैंने बहुत स्पष्ट रूप से देखा कि मानवता ने क्या ग्रहण किया और क्या अवशेष रह गया। उस क्षण जो भी सेराफिम के मार्ग में आया उसका तत्कालिक रूपांतरण और समावेशन हो गया। कुछ शेष बचा था पर वह भी श्वेत-अग्नि जैसी भक्ति से परिपूर्ण था, उसमें भी पवित्र होने की तीव्र लालसा थी।

मैंने अनुभव किया कि यह गुण अनेक लोगों की चेतना में विद्यमान है। सेराफिम की चेतना से जुड़ने से मनुष्य को कई लाभ मिलते हैं। जो इसे पोषित या स्वीकार करते हैं उनकी चेतना में सेराफिम की चेतना का क्षय कम होता है। जब हम ईश्वरीय विचारों से विमुख होते हैं तो सेराफिम की चिंगारियाँ हमारे शरीर को छोड़ अपने मूल शरीर की ओर प्रस्थान करती हैं।

सेराफिम के अलावा मैं ऐसी किसी शक्ति को नहीं जानता जिसमे मनुष्य को ब्रह्मांडीय आत्मा की शुद्धता की ओर ले जाने का सामर्थ्य है। लक्सर के आश्रय स्थल में सेराफिम पर ध्यान लगाना हमारी आध्यात्मिक शिक्षा का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ईसा मसीह ने स्वयं सेराफिम के साथ काफी समय बिताया। पिशाचों को बाहर निकालने की शक्ति और भौतिक जगत पर प्रभुत्व स्थापित करने की शक्ति उन्हें सेराफिम के साथ से ही मिली थी।

ईश्वर के समक्ष जिस मंत्र का जाप सेराफिम निरंतर करते हैं, वह है: "होली होली होली इज़ द लार्ड ऑफ़ होस्ट्स, द व्होल अर्थ इज़ फुल ऑफ़ हिज़ ग्लोरी"[3] इस मंत्र का अर्थ है कि ईश्वर पवित्र है और पूरी पृथ्वी ईश्वर की महिमा से भरी हुई है

इसे भी देखिये

मूक दर्शक

जस्टिनियस सेराफिक समूह के कप्तान

अधिक जानकारी के लिए

Serapis Bey, Dossier on the Ascension, ११५–४० पृष्ठ

स्रोत

Mark L. Prophet and Elizabeth Clare Prophet, Saint Germain On Alchemy: Formulas for Self-Transformation

  1. Isa. ६:२.
  2. Isa.६:६-७
  3. Isa. ६:३.