Translations:Gautama Buddha/18/hi
इस प्रकार गौतम ने एक भ्रमणशील भिक्षु का जीवन शुरू किया। स्थायी सत्य पाने की इच्छा लिए वे एक विद्वान शिक्षक की तलाश में निकल पड़े। वे विभिन्न शिक्षकों से मिले और उनके शिक्षाएं प्राप्त कीं। परन्तु इससे उन्हें संतुष्टि नहीं हुई। असंतुष्ट और बेचैन गौतम एक ऐसे स्थायी सत्य की खोज में थे जो दुनिया की मोह माया से परे हो।