Translations:Gautama Buddha/33/hi

From TSL Encyclopedia

उनतालीस दिनों तक बुद्ध परमानन्द अवस्था में अंतर्ध्यान रहे, इसके बाद उन्होंने अपना ध्यान फिर से दुनिया की ओर लगाया। उन्होंने देखा कि मारा उनके लिए एक आखिरी प्रलोभन लिए खड़ी थी: “आप अपने अनुभव को शब्दों में कैसे अनुवादित करेंगें? आप निर्वाण में वापिस लौट जाइये। अपना संदेश दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश मत कीजिये क्योंकि कोई भी इसे समझ नहीं पाएगा। आप अपने स्वर्गसुख में आनंदमयी रहिये।” उत्तर में बुद्ध ने कहा, “कुछ लोग हैं जो समझेगें।” इसके बाद मारा उनके जीवन से हमेशा के लिए चली गयी।