Translations:Gautama Buddha/36/hi
अब बुद्ध यह विचार करने लगे कि उन्हें सबसे पहले किसे शिक्षा देनी चाहिए। उन्होंने उन पाँच तपस्वियों के पास लौटने का निर्णय लिया जो उन्हें छोड़कर चले गए थे। इसके बाद लगभग एक सौ मील से अधिक की यात्रा कर के वे बनारस पहुंचे और उन्होंने अपने पांच पुराने साथियों को अपना पहला उपदेश दिया, जिसे धम्मचक्कप्पवत्तन-सुत्त, या “सत्य के पहिये को गति देना” के नाम से जाना जाता है।