Translations:Gautama Buddha/41/hi
उन्होंने यह घोषणा करी की कि वे तीन महीने बाद अपना शरीर त्याग देंगे। यह घोषणा करने के बाद उन्होंने कई गांवों की यात्रा की और फिर अपने एक उपासक और सेवक, कुंडा (जो पेशे से सुनार था), के साथ रहने लगे। उस समय की परंपरा के अनुसार, कुंडा ने गौतम को सुकर-मद्दव खाने के लिए आमंत्रित किया। सुकर-मद्दव एक व्यंजन है जो उसने अनजाने में ही जहरीले मशरूम के साथ तैयार किया था। भोजन के बाद, गौतम बुरी तरह बीमार हो गए, लेकिन उन्होंने बिना किसी शिकायत के अपना दर्द सह लिया।