Translations:Kuan Yin/24/hi
जब हम क्षमा के दिव्य आदेशों का आह्वान करते हैं, तो हमें अनुभव होता है कि हमारी उच्च चेतना ही हमारी मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, सेवादार, पुजारी, गुरु, मित्र - सभी कुछ है। हमें प्रतिदिन अपने दिल का बोझ उतारने के लिए उच्च चेतना के पास जाना चाहिए। आदिवासी अमेरिकी (American Indians) में ऐसा करने की परंपरा थी। वे लोग रात को आग जलाकर उसके चारों ओर बैठ जाते थे और अपनी दिनचर्या की चर्चा किया करते थे। दिन भर में जो कुछ भी उनकी पसंद का नहीं हुआ वे उसे अग्नि के सुपुर्द कर दिया करते थे। वास्तव में प्रत्येक पंथ (religion) में यही सिखाया जाता है। अप्रिय बातों को अग्नि के सुपुर्द कर हम चैन की नींद सो सकते हैं। आजकल अधिकाँश लोग अनिद्रा के रोग से पीड़ित हैं, और इसका एकमात्र कारण दैनिक कर्म से रिहा न हो पाना है।