Translations:Lord of the World/14/hi
१ (1) जनवरी, १९५६ (1956) को जब गौतम बुद्ध ने विश्व के स्वामी का पद भार संभाला तब उन्होंने अपने ह्रदय की लौ के माध्यम से पृथ्वी पर जीवन बनाये रखने की ज़िम्मेदारी भी ली। और तब सनत कुमार ने वापिस अपना 'विश्व के शासक भगवन' (Regent Lord of the World) का पद ग्रहण किया और अपने ग्रह शुक्र पर लौट गए। पृथ्वी से लौट जाने के बावजूद सनत कुमार आज भी यहां पृथ्वी पर श्वेत महासंघ (Great White Brotherhood) की सेवाओं में युक्त हैं।