Translations:Lord of the World/5/hi
आंतरिक स्तर पर वह उन जीवों की त्रिज्योति लौ को बनाए रखते हैं जिनका अपने ईश्वरीय स्वरुप (I AM Presence) के साथ संपर्क समाप्त हो गया है; जिनके नकारात्मक कर्म इतने अधिक हैं कि वे पृथ्वी पर अपने भौतिक स्वरुप को बनाए रखने के लिए ईश्वर से पर्याप्त प्रकाश प्राप्त करने में असमर्थ हैं। गौतम बुद्ध प्रकाश की एक बारीक़ (filigree) प्रकाश की धारा के माध्यम से अपने हृदय को भगवान के सभी बच्चों के हृदयों से जोड़ते हैं। ऐसा करके वह उन सभी जीवों की टिमटिमाती त्रिज्योति लौ का पोषण करते हैं - वह त्रिज्योति लौ जिसे वास्तव में उनकी अपनी आत्मिक चेतना से पोषित हो कर प्रेम, ज्ञान और शक्ति से युक्त अधिक मात्रा में प्रज्वलित होना चाहिए।