Translations:Lord of the World/7/hi
गौतम बुद्ध को विश्व के स्वामी का पद १ जनवरी १९५६ (1956) में मिला - यह पद उनको शुक्र ग्रह के स्वामी सनत कुमार से मिला था। सनत कुमार ने इस पद को एक लम्बे समय तक संभाला था, और उस समय संभाला था जब पृथ्वी अपनी सबसे ज़्यादा अंधकारमय घड़ी से गुज़र रही थी। समय से भी प्राचीन माने जानेवाले (Ancient of Days), सनत कुमार हज़ारों वर्ष पूर्व स्वेच्छा से पृथ्वी पर आये थे - यह वह समय था जब ब्रह्मांडीय परिषद (Solar Lords) ने पृथ्वी का विलय करने की घोषणा की थी। उस समय मनुष्य ब्रह्मांडीय नियम (cosmic law) से पूर्णतया: विमुख हो गया था, उनसे जानबूझ कर अपने ईश्वरीय स्वरूप को नकार दिया था जिसके फलस्वरूप ब्रह्मांडीय परिषद् (Solar Lords) ने यह निर्णय लिया था कि मानवजाति को अब कोई और मौका नहीं देना चाहिए। पृथ्वी के नियमों के अनुसार एक ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता थी जो अत्यंत निर्मल हो और भौतिक स्तर पर न सिर्फ रहे बल्कि सभी पृथ्वीवासियों की त्रिज्योति लौ को भी संतुलित रख सके। सनत कुमार ने स्वयं को इस कार्य के लिए प्रस्तुत किया था।