Translations:Original sin/55/hi

From TSL Encyclopedia

"परमेश्वर ने हमें बुलाया है कि हम पतित स्वर्गदूतों के पापमय जीवन का त्याग करें और स्वयं को सदा के लिए पापी मानने की भावना को पीछे छोड़ दें। यह यीशु मसीह के अनुग्रह (Grace) के द्वारा संभव होता है, जो हमें उनके साथ तथा हमारे अपने आंतरिक मसीही सामर्थ्य (Inner Christ Potential) के साथ पुनः एकत्व (Oneness) में स्थापित करता है। यह अनुग्रह हमें अपने पापों, भूलों और गलतियों का प्रायश्चित (Atone) करने तथा अपने व्यक्तिगत मसीहत्व (Individual Christhood) के मार्ग पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है।"

संक्षिप्त अर्थ