Translations:Original sin/58/hi
"हे प्रियजनों, तुमने 'मूल पाप' (Original Sin) के सिद्धांत के बारे में सुना है। मैं कर्मिक बोर्ड (Karmic Board) की प्रवक्ता हूँ, और मैं तुमसे कहती हूँ, हे प्रियजनों, कि 'मूल पाप' जैसी कोई वस्तु नहीं है। क्योंकि न तो परमेश्वर ने उसकी रचना की, न ही कॉस्मिक मास्टर्स (Cosmic Masters) ने उसे बनाया, और मेरा मानना है कि उसका कभी अस्तित्व ही नहीं रहा।
हे प्रियजनों, 'मूल पाप' मानव कल्पना (Human Imagination) की उपज मात्र है। जो वास्तव में मूल (Original) है, वह पवित्रता (Purity) है। वही जीवन का नियम (Law of Life) है, वही शाश्वत पूर्णता (Eternal Perfection) का नियम है, और वही वह सत्य है जिसका उद्देश्य यह था कि वह मनुष्य के संसार में उसी प्रकार कार्य करे, जैसे वह समस्त ब्रह्मांड (Universe) में कार्य करता है।"
— स्वतंत्रता की देवी (Goddess of Liberty), 1 अप्रैल 1962