Translations:Saint Germain/12/hi
आप नश्वर (mortal) हैं। मैं अमर (immortal) हूँ। हमारे बीच बस इतना ही अंतर है कि मैंने स्वतंत्र होना चुना है, और आपको यह चुनाव करना अभी बाकी है। हम दोनों की क्षमताएँ (potential) एक समान हैं, संसाधन (resources) भी एक समान हैं, और हम दोनों का उस एक (ईश्वर) से जुड़ाव भी समान है। मैंने अपनी ईश्वरीय पहचान बनाने का चुनाव किया है। बहुत समय पहले मेरे अंतर्मन से एक शांत एवं धीमी आवाज़ आयी थी: "ईश्वर की संतानों, अपनी ईश्वरीय पहचान बनाओ"। ऐसा लगा मानों ईश्वर ही कह रहे हों। रात के सन्नाटे में जब मैंने पुकार सुनी तो उत्तर दिया, "अवश्य"। उत्तर में पूरा ब्रह्मांड बोल उठा, "अवश्य" । जब मनुष्य अपनी इच्छा प्राक्जत करता है तो उसके अस्तित्व की असीमित क्षमता दिखती है...