Translations:Saint Germain/37/hi
जब संत एल्बन का यह कार्य प्रकट हो गया, तब उन्हें कोड़े लगाए गए और मृत्यु-दंड सुनाया गया। कथा के अनुसार, उनके दंड को देखने के लिए इतनी विशाल भीड़ एकत्र हो गई कि लोग उस संकरे पुल से पार नहीं जा पा रहे थे, जिसे पार करना आवश्यक था। संत एल्बन ने प्रार्थना की, और कहा जाता है कि नदी का जल अलग हो गया, जिससे भीड़ को मार्ग मिल गया। यह चमत्कार देखकर उनका नियुक्त जल्लाद प्रभावित होकर ईसाई बन गया और उसने संत एल्बन के स्थान पर स्वयं मरने की प्रार्थना की। किन्तु उसकी प्रार्थना स्वीकार नहीं की गई, और अंततः उसका भी एल्बन के साथ सिर काट दिया गया।