Translations:Saint Germain/37/hi
जब उनका ये कृत्य उजागर हुआ तो एल्बन को मौत की सजा सुनाई गई; उन्हें कोड़े भी मारे गए। कहा जाता है कि एल्बन की फांसी को देखने के लिए इतनी लोग जमा हो गए कि वे रास्ते में आये एक संकरे पुल पर अटक गए, भीड़ पुल पार नहीं कर पा रही थी। एल्बन ने ईश्वर से प्रार्थना की और नदी का पानी भीड़ को रास्ता देने के लिए दो भागों में बंट गया। यह नज़ारा देखने के बाद जल्लाद स्वतः धर्मान्तरित हो गया, और उसने एल्बन की जगह स्वयं की मृत्यु की भीख माँगी। जल्लाद की प्रार्थना अस्वीकार कर दी गई परन्तु उसे भी एल्बन के साथ फांसी दे दी गयी।