Translations:Sanat Kumara and Lady Master Venus/10/hi
पृथ्वी के उद्धार के लिए इस विधि की क्या आवश्यकता थी? बात यह थी कि जो भी व्यक्ति गुरु के रूप में अवतरित हो वह भौतिक जगत में उपस्थित हो और वहां का संतुलन बनाए रखे, तथा प्रत्येक जीवात्मा के लिए जीवन की त्रिज्योति लौ को भी प्रज्वलित रखे। लॉ ऑफ वन (Law of the One) के अनुसार अगर एक भी व्यक्ति शाश्वत ईश्वर पर अपना ध्यान केंद्रित रखता है तो वह अनेकानेक व्यक्तियों के उद्धार में सहायक होता है। जब तक कि सभी व्यक्ति अपने शब्दों और कर्मों के प्रति उत्तरदायी न हो जाएं, और अपने प्रकाश के भार के साथ-साथ अपने सापेक्ष अच्छे और बुरे कर्मों का भार वहन करना शुरू न कर दें तब तक यह व्यक्ति उनके प्रति उत्तरदायी रहता है।