Translations:Serapis Bey/12/hi
लगभग 400 बीसी तक सेरापिस बे नील नदी की भूमि में पुनर्जन्म लेते रहे, लौ की रक्षा के लिए उन्होंने बार बार पृथ्वी पर आना स्वीकार किया। विभिन्न जन्मों में उन्होंने पृथ्वी पर वास्तुकला के कुछ अद्वितीय भवनों का निर्माण करवाया।