Translations:Serapis Bey/46/hi
वर्तमान में दिव्यगुरु सेरापिस बे सात चोहनों में से एक हैं ऑन इनका स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। चौथी किरण सातों किरणों का मध्य बिंदु है। यह ऊर्जा के फिगर-आठ प्रवाह का केंद्र बिंदु है और इसी बिंदु पर श्वेत प्रकाश भी समाहित होता है। यह श्वेत प्रकाश दिव्य नारीत्व ऊर्जा (कुण्डलिनी शक्ति) है, और यह प्रत्येक गुरु में होती है - चाहे वह पूर्व का हो या पश्चिम का। हमारे बीच सनत कुमार इसी दिव्य माँ के स्वरूप (कुण्डलिनी शक्ति) के साथ विचरण करते हैं।