Translations:Serapis Bey/56/hi
यह सच है कि आध्यात्मिक उत्थान से पहले मनुष्य बूढ़ा होता है लेकिन आध्यत्मिक उत्थान होने पर उसका भौतिक स्वरूप एक गौरवान्वित शरीर में बदल जाता है। मनुष्य अपने सांसारिक शरीर में नहीं वरन एक अत्यंत तेजमयी आध्यात्मिक शरीर में उत्थान करता है - उसका भौतिक रूप उसी पल महान ईश्वरीय ज्वाला में पूर्ण रूप से समाहित होकर परिवर्तित हो जाता है।