Translations:Seventh root race/9/hi
आपको यह भी समझना चाहिए कि प्रकाश ऊपर से नीचे आता है, और उसकी तरंगें एक के भीतर एक होती हैं। पहली तरंग के अंदर ही सातों किरणों (सात प्रकार की आध्यात्मिक शक्तियों) के प्रतिनिधि मौजूद होते हैं। इस तरह, एक के भीतर एक घुमावदार चक्र बनते हैं जो मिलकर अंततः एक ‘मंडल’ (एक बड़ा आध्यात्मिक चक्र) का स्वरुप लेते हैं - इसे एक ‘मूल जाति’ (मानवता के विकास का एक चरण) के रूप में देखा जाता है।[1]