Translations:Soul/24/hi
"जीवात्मा के आसन चक्र (Seat-of-the-Soul Chakra), जो संतुलन का केंद्र (Center of Equilibrium) है, के भीतर से जीवात्मा ऐसी अंतःप्रज्ञा (Inner Intuitive Knowing) द्वारा जानती है, जिसे बाहरी मन (Outer Mind) या तो समझ नहीं पाता या स्वीकार नहीं करना चाहता। वह उन सत्यों को भी जानती है जिन्हें भावनाएँ (Emotions) कर्मजन्य वास्तविकताओं (Karmic Realities) का सामना करने के भय से दबा देती हैं।
जीवात्मा जानती है कि पृथ्वी पर क्या घटित होने वाला है। वह अतीत, वर्तमान और भविष्य—तीनों का ज्ञान रखती है। वह इस जीवन में हमारे मानसिक संस्कारों (Mental Indoctrination) और भावनात्मक प्रोग्रामिंग (Emotional Programming) से स्वतंत्र होकर सभी बातों को जानती है।
दुर्भाग्यवश, जन्म के समय चेतन मन (Conscious Mind) का जीवात्मा के साथ जो स्वाभाविक संपर्क होता है, वह मानसिक और भावनात्मक शरीरों (Mental and Emotional Bodies) के विकसित होने के साथ धीरे-धीरे कम हो जाता है।
किन्तु बैंगनी ज्वाला (Violet Flame) का नियमित और प्रतिदिन किया गया अभ्यास चेतन और अवचेतन (Subconscious) के बीच की बाधाओं, बाहरी मानसिक जागरूकता (Outer Awareness of the Mind) और जीवात्मा की आंतरिक जागरूकता (Inner Awareness of the Soul) के बीच के आवरणों का रूपांतरण (Transmutation) कर देता है।"