Translations:Soul/4/hi

From TSL Encyclopedia

"आइए... हम देखें कि उस अनंत परम सत्ता (Infinite One) का कितना अंश उस निकटवर्ती चेतना-क्षेत्र (Immediate Forcefield) में साकार हुआ है, जिसे तुम अपना 'स्व' (Self) कहते हो।

निस्संदेह, इस स्व का बीज (Seed of the Self) महान दिव्य स्व (Great God Self) से ही उत्पन्न हुआ होगा, क्योंकि उसके अतिरिक्त कोई अन्य स्रोत नहीं है, जहाँ से वह आ सकता था।

जीवन के महान मोनाड (Great Monad of Life) के विभिन्न लोकों (Spheres) से होकर यात्रा करते हुए, आत्म-जागरूकता (Self-awareness) का यह बीज प्रकाश के तंतुओं (Skeins of Light) को एकत्र करता है—धागा-धागा जोड़ते हुए, उन्हें लपेटते और बुनते हुए, बार-बार उस चेतना-बिंदु (Point of Awareness) के चारों ओर बुनता जाता है और इस प्रकार एक ऊर्जा-क्षेत्र (Energy Field) का निर्माण करता है।

और वह बीज एक जीवात्मा (Soul) बन जाता है, जो आत्मा (Spirit) के जीवन (Life) के साथ अपने ही दिव्य मिलन से जन्म लेती है।

और जीवात्मा एक लघु सूर्य (Miniature Sun) है, जो सार्वभौमिक सत्ता (Universal Being) के केंद्रीय सूर्य (Central Sun) की परिक्रमा करता रहता है...."