Translations:Soul/6/hi
"जब परमेश्वर ने अपने 'आई एएम प्रेज़ेन्स' (I AM Presence)—अर्थात् अपने अस्तित्व की व्यक्तिगत दिव्य चिंगारी (Individualized Spark of Being)—के माध्यम से स्वयं को बार-बार अभिव्यक्त किया, तब वे बीज, जो आगे चलकर जीवात्माएँ (Souls) बने, अर्थात् वे जीवात्माएँ जो आत्मा (Spirit) के लोकों से प्रक्षेपित हुई थीं, पदार्थ (Matter) के लोकों में जीवित जीवात्माएँ बन गईं।
...उदित होती हुई इन जीवात्माओं ने पदार्थ के तंतुओं (Skeins of Matter) को एकत्रित करके समय और स्थान के भीतर स्व-अस्तित्व (Selfhood) के वाहनों (Vehicles) का निर्माण किया—जिनमें मन (Mind), स्मृति (Memory), भावनाएँ (Emotions) तथा भौतिक शरीर (Physical Form) से बँधी हुई चेतना सम्मिलित थी।
इस प्रकार मांस और रक्त (Flesh and Blood) के आवरण से आच्छादित होकर, जीवात्मा समय और स्थान के क्षेत्र में अपनी यात्रा करने के लिए सुसज्जित हो गई।"
— El Morya, The Chela and the Path: Keys to Soul Mastery in the Aquarian Age, अध्याय 3