Translations:Original sin/11/hi

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मूल पाप (Original Sin) का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि क्योंकि हम आदम की संतान हैं, इसलिए हम उसके स्थायी रूप से दोषपूर्ण (flawed) स्वभाव को विरासत में प्राप्त करते हैं।

ऑगस्टीन लिखते हैं:

"मनुष्य के पास स्वयं अच्छा बनने की शक्ति नहीं है।"

उनका विश्वास था कि मनुष्य अपने बल पर भलाई करने में उतना ही असमर्थ है जितना कि कोई बंदर बोलने में।

मनुष्य केवल परमेश्वर की कृपा (Grace) के द्वारा ही अच्छा कार्य कर सकता है।

[1]

  1. संत ऑगस्टीन, On Free Choice of the Will (इच्छा की स्वतंत्रता पर), पुस्तक 3, अध्याय 18; यह उद्धरण टी. केरमिट स्कॉट की पुस्तक Augustine: His Thought in Context (न्यूयॉर्क: पॉलिस्ट प्रेस, 1995), पृष्ठ 136–137 में दिया गया है।