Translations:Original sin/43/hi

From TSL Encyclopedia
Revision as of 10:32, 13 June 2026 by PoonamChugh (talk | contribs) (Created page with "इस प्रकार के मिलन (union) में कोई पाप नहीं है। यह “दैवीय पुनर्मिलन” (divine reunion) का पुनः-अभिनय है, जिसे आत्मा और आत्म-चेतना के बीच होने वाला “अल्केमिक विवाह” (alchemical marriage) कहा जाता है। “असेंशन” (ascension)...")
(diff) ← Older revision | Latest revision (diff) | Newer revision → (diff)

इस प्रकार के मिलन (union) में कोई पाप नहीं है। यह “दैवीय पुनर्मिलन” (divine reunion) का पुनः-अभिनय है, जिसे आत्मा और आत्म-चेतना के बीच होने वाला “अल्केमिक विवाह” (alchemical marriage) कहा जाता है।

“असेंशन” (ascension) से पहले यह दैवीय पुनर्मिलन पुरुष और स्त्री के बीच हृदय, आत्मा, शरीर और मन के एकत्व के रूप में प्रकट हो सकता है, जो सभी सात चक्रों (chakras) में परमेश्वर की महिमा के लिए होता है।

इस एकता से अब केवल “एक प्रकार का मनुष्य” (carnal mind की वंशावली या शरीर की संतान) उत्पन्न नहीं होता, बल्कि “क्राइस्ट चेतना” (Christ consciousness) के आदर्श रूप (archetypes) उत्पन्न होते हैं, जिनका सर्वोच्च उदाहरण यीशु मसीह (Jesus the Christ) हैं।