आत्मा
Spirit का अर्थ निम्नलिखित हो सकता है:
(1) कैपिटल (Cap.)। परम सत्ता (Godhead) की पुरुष ध्रुवीयता (Masculine Polarity); पदार्थ (Matter) का समन्वयक (Coordinate); पिता के रूप में परमेश्वर (God as Father), जो अपनी ध्रुवीयता के भीतर अनिवार्य रूप से माता के रूप में परमेश्वर (God as Mother) को भी समाहित करते हैं, और इसलिए उन्हें पिता-माता परमेश्वर (Father-Mother God) के रूप में जाना जाता है।
यह 'आई एएम प्रेज़ेन्स' (I AM Presence) का लोक (Plane) है, पूर्णता (Perfection) का क्षेत्र; परमेश्वर के राज्य (Kingdom of God) में आरोहित आचार्यों (Ascended Masters) का निवास-स्थान।
(2) लोअर केस (l.c.)। सामान्यतः बहुवचन रूप में, जैसे "स्पिरिट्स" (Spirits), अर्थात् देह-रहित प्राणी (Discarnates) या सूक्ष्म/अंतरिक्षीय सत्ताएँ (Astral Entities)।
(3) छोटे अक्षरों में (l.c.)। एकवचन में, इसे अक्सर "जीवात्मा" (Soul) के अर्थ में ही प्रयोग किया जाता है।
"एल मोर्या (El Morya) मनुष्य के 'स्पिरिट' (Spirit) के विषय में कहते हैं कि यह 'उसकी ब्रह्मांडीय सम्मान-ज्योति (Cosmic Honor Flame), उसकी सत्यनिष्ठा (Integrity), उसकी शक्ति (Strength), और उसकी उपस्थिति (Presence) है।
व्यक्ति का स्पिरिट (Spirit) वह है जिसे जीवात्मा (Soul) ने आई एएम प्रेज़ेन्स (I AM Presence) से नीचे की ओर आकर्षित किया है और दिव्य माता (Divine Mother) से ऊपर की ओर ग्रहण किया है; फिर उसने प्रकाश (Light) का एक आवरण (Cocoon) बुना है—रेशम जैसे प्रकाश-तंतुओं (Silken Fibers) की परतों को जीवात्मा के चारों ओर इस प्रकार लपेटा है कि विवाह-वस्त्र (Wedding Garment), जो पूर्णतः स्वर्णिम (Gold) और शुद्धतम श्वेत (Purest White) है, अचानक प्रकट हो जाता है।"
स्रोत
Mark L. Prophet and Elizabeth Clare Prophet, Saint Germain On Alchemy: Formulas for Self-Transformation.
Pearls of Wisdom, vol. 31, no. 77, November 13, 1988.