Translations:Saint Germain/29/hi
सैमुएल ईश्वर द्वारा अब्राहम (Abraham) की संतानों को भ्रष्ट याजकों—एली के पुत्रों—और पलिश्तियों (Philistines) की दासता से मुक्त कराने के सन्देश वाहक थे। पलिश्तियों ने युद्ध में इजराइलियों का भारी संहार किया था। परंपरागत रूप से सैमुएल का नाम Moses के साथ एक महान मध्यस्थ (intercessor) के रूप में लिया जाता है। जब राष्ट्र लगातार पलिश्तियों (Philistines) के खतरों का सामना कर रहा था, तब सैमुएल ने साहसपूर्वक लोगों का आध्यात्मिक पुनर्जागरण में नेतृत्व किया। उन्होंने उन्हें यह कहते हुए प्रेरित किया कि वे “अपने पूरे हृदय से प्रभु की ओर लौटें” और “विदेशी देवताओं को दूर कर दें।” लोगों ने पश्चात्ताप किया और सैमुएल से विनती की कि वे उनकी रक्षा और उद्धार के लिए प्रभु से प्रार्थना करना बंद न करें। जब सैमुएल प्रार्थना कर रहे थे और बलिदान अर्पित कर रहे थे, तब एक भयंकर गर्जन-तूफ़ान उठा, जिससे इजराइलियों को अपने शत्रुओं पर विजय पाने का अवसर मिला। सैमुएल के जीवनकाल में पलिश्ती फिर कभी शक्तिशाली होकर नहीं उठ सके।