Translations:Saint Germain/29/hi: Difference between revisions

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सैमुअल [[Special:MyLanguage/Abraham|अब्राहम]] के वंश को भ्रष्ट पुरोहितों, एली के पुत्रों, और उन अशिक्षित लोगों (वे लोग जिन्होनें युद्ध में इजराइल के लोगों ली हत्या की थी) की दासता से मुक्त कराने वाले ईश्वर के दूत थे। पारंपरिक रूप से उनके नाम [[Special:MyLanguage/Moses|मूसा]] के साथ लिया जाता है। जब राष्ट्र अशिक्षित लोगों से उत्त्पन खतरों का सामना कर रहा था, सैमुएल के बहुत हिम्मत कर के लोगों को अध्यात्म के मार्ग पर लगाया, उन्होंने लोगों को “अपने पूरे दिल से नकली गुरुओं को छोड़ असली ईश्वर के ओर लौटने का आह्वान दिया <ref>आई सैमुएल ७:३</ref> जल्द ही लोगों को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने पश्चाताप कर सैमुएल से विनती की कि वह उनके बचाव के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें। जब सैमुएल प्रार्थना कर रहे थे और अनेक प्रकार के त्याग कर रहे थे तो एक भयंकर आंधी आई जिससे इजराइल के लोगों को अपने शत्रुओं को परास्त करने का मौका मिल गया। सैमुएल के रहते अशिक्षित लोग फिर कभी इस्राएल पर राज्य नहीं कर पाए।
सैमुअल [[Special:MyLanguage/Abraham|अब्राहम]] के वंश को भ्रष्ट पुरोहितों, एली के पुत्रों, और उन अशिक्षित लोगों (वे लोग जिन्होनें युद्ध में इजराइल के लोगों ली हत्या की थी) की दासता से मुक्त कराने वाले ईश्वर के दूत थे। पारंपरिक रूप से उनके नाम [[Special:MyLanguage/Moses|मूसा]] के साथ लिया जाता है। जब राष्ट्र अशिक्षित लोगों से उत्त्पन खतरों का सामना कर रहा था, सैमुएल के बहुत हिम्मत कर के लोगों को अध्यात्म के मार्ग पर लगाया, उन्होंने लोगों को “अपने पूरे दिल से नकली गुरुओं को छोड़ असली ईश्वर के ओर लौटने का आह्वान दिया <ref>आई सैमुएल ७:३.</ref> जल्द ही लोगों को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने पश्चाताप कर सैमुएल से विनती की कि वह उनके बचाव के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें। जब सैमुएल प्रार्थना कर रहे थे और अनेक प्रकार के त्याग कर रहे थे तो एक भयंकर आंधी आई जिससे इजराइल के लोगों को अपने शत्रुओं को परास्त करने का मौका मिल गया। सैमुएल के रहते अशिक्षित लोग फिर कभी इस्राएल पर राज्य नहीं कर पाए।

Latest revision as of 15:02, 3 November 2025

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M&TR
Message definition (Saint Germain)
Samuel was the messenger of God’s liberation of the seed of [[Abraham]] from bondage to the corrupt priests, the sons of Eli, and from the Philistines, who had slaughtered the Israelites in battle. He is traditionally named alongside [[Moses]] as a great intercessor. When the nation faced continuing threats from the Philistines, he courageously led the people in a spiritual revival, exhorting them to “return unto the L<small>ORD</small> with all your hearts” and to “put away the strange gods.”<ref>I Sam. 7:3.</ref> The people repented and beseeched Samuel not to cease calling upon the L<small>ORD</small> to save them. As he was praying and offering sacrifices, a violent thunderstorm was unleashed, allowing the Israelites to overtake their enemies. The Philistines never rose again in the days of Samuel.

सैमुअल अब्राहम के वंश को भ्रष्ट पुरोहितों, एली के पुत्रों, और उन अशिक्षित लोगों (वे लोग जिन्होनें युद्ध में इजराइल के लोगों ली हत्या की थी) की दासता से मुक्त कराने वाले ईश्वर के दूत थे। पारंपरिक रूप से उनके नाम मूसा के साथ लिया जाता है। जब राष्ट्र अशिक्षित लोगों से उत्त्पन खतरों का सामना कर रहा था, सैमुएल के बहुत हिम्मत कर के लोगों को अध्यात्म के मार्ग पर लगाया, उन्होंने लोगों को “अपने पूरे दिल से नकली गुरुओं को छोड़ असली ईश्वर के ओर लौटने का आह्वान दिया [1] जल्द ही लोगों को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने पश्चाताप कर सैमुएल से विनती की कि वह उनके बचाव के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें। जब सैमुएल प्रार्थना कर रहे थे और अनेक प्रकार के त्याग कर रहे थे तो एक भयंकर आंधी आई जिससे इजराइल के लोगों को अपने शत्रुओं को परास्त करने का मौका मिल गया। सैमुएल के रहते अशिक्षित लोग फिर कभी इस्राएल पर राज्य नहीं कर पाए।

  1. आई सैमुएल ७:३.