Pearls of Wisdom/hi: Difference between revisions
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Revision as of 23:33, 23 January 2026
पर्ल्स ऑफ़ विजडम , Pearls of Wisdom (ज्ञान के मोती) एक साप्ताहिक निर्देश पत्र हैं जो दिव्यगुरू अपने सन्देश वाहकों मार्क (Mark) और एलिजाबेथ प्रोफेट (Elizabeth Clare Prophet) को लिखवाते हैं। ये पत्र सम्पूर्ण विश्व में आध्यात्मिक पथ पर चलने वाले दिव्यगुरूओं के शिष्यों के लिए हैं।
श्वेत महासंघ (Great White Brotherhood) की दार्जिलिंग परिषद (Darjeeling Council) ने श्रुतलेख के माध्यम से अपनी शिक्षाओं के बारे में दोनों संदेशवाहकों, मार्क और एलिजाबेथ प्रोफेट,(Mark and Elizabeth Clare Prophet) को बताया है। १९५८ से शुरू हुए ये श्रुतलेख एक गुरु और उसके चेले के बीच अंतरंग संपर्क, दिल से दिल तक का संबंध हैं। इनमें ब्रह्मांडीय नियम की मौलिक और उन्नत दोनों ही तरह की शिक्षाएँ शामिल हैं, तथा इनमें ये भी बताया गया है कि मनुष्य किस प्रकार इन शिक्षाओं का उपयोग अपने व्यक्तिगत जीवन की मुश्किलों एवं ग्रह संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए कर सकता है।
पर्ल्स (Pearls) को पढ़ने का तरीका
पर्ल्स ऑफ़ विजडम आप प्रतिदिन प्राप्त करेंगे, और जैसे जैसे आप इन्हें प्राप्त करें आप इन्हें पढ़ें - सप्ताह के सातों दिन। जैसे-जैसे आप श्वेत महासंघ की इन शिक्षाओं को स्वयं में आत्मसात करेंगे, आप स्वयं अपनी उच्च चेतना के उस भाग का हिस्सा बन जाएंगे जिसके बारे में दिव्यगुरुओं की इन शिक्षाओं में लिखा होगा। पर्ल्स ऑफ़ विजडम में ईश्वर के शब्द और कार्य निहित हैं, यह प्रतिदिन का आपका पवित्र भोजन है जो स्वयं को ईश्वर-स्वरुप बनाने की धुरी है जिससे आप अंततः ईश्वर-रुपी प्रकाश पुंज में विलीन हो पाएंगे।
भौतिक शरीर छोड़ने के उपरान्त जीवात्मा सार्वभौमिक प्रकाश में समाहित हो जाती है। पर्ल्स ऑफ़ विजडम एक सोपान मार्ग के सामान है, और इस ज्ञान का प्रत्येक मोती एक सीढ़ी। जब इस ज्ञान के मोती आप स्वयं में आत्मसात करेंगे आप धीरे-धीरे ऊपर उठते जाएंगे। हम आशा करते हैं की आप इन जीवंत शब्दों को अच्छे से स्वांगीकरण कर सम्पूर्ण बन जाएंगे। हम आशा करते हैं कि अनेकों अन्य जीवात्माओं को स्वस्थ करने के लिए आप ईश्वर का माध्यम बनेंगे।
स्रोत
Mark L. Prophet and Elizabeth Clare Prophet, Saint Germain On Alchemy: Formulas for Self-Transformation
Archangel Gabriel, Mysteries of the Holy Grail
Pearls of Wisdom, vol. २६, no. ४, १ जनवरी १९८९.