User contributions for RajKumari

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25 November 2024

14 November 2024

11 November 2024

9 November 2024

  • 07:4607:46, 9 November 2024 diff hist +69 Mater/hiCreated page with "आत्मा"
  • 07:4607:46, 9 November 2024 diff hist +7 N Translations:Mater/8/hiCreated page with "{{SGA}}" current
  • 07:4607:46, 9 November 2024 diff hist +21 N Translations:Mater/7/hiCreated page with "== स्रोत ==" current
  • 07:4607:46, 9 November 2024 diff hist +45 N Translations:Mater/6/hiCreated page with "आत्मा"
  • 07:4507:45, 9 November 2024 diff hist +358 Mater/hiCreated page with "मनुष्य, समस्त संसार तथा इस ग्रह के चार निचले शरीर चार स्तरों, चतुर्थांशों और चार ब्रह्मांडीय बलों द्वारा पदार्थ की आवृति को बनाते भी हैं तथा वहां रहते..."
  • 07:4507:45, 9 November 2024 diff hist +41 N Translations:Mater/5/hiCreated page with "== इसे भी देखिये ==" current
  • 07:4507:45, 9 November 2024 diff hist +495 N Translations:Mater/4/hiCreated page with "मनुष्य, समस्त संसार तथा इस ग्रह के चार निचले शरीर चार स्तरों, चतुर्थांशों और चार ब्रह्मांडीय बलों द्वारा पदार्थ की आवृति को बनाते भी हैं तथा वहां रहते..."
  • 07:3907:39, 9 November 2024 diff hist +442 Mater/hiCreated page with "आत्मा के स्तर से नीचे उतरने वाली जीवात्मा अपने आध्यात्मिक एवं भौतिक विकास के उद्देश्य से भौतिक स्तर पर एक निश्चित समय के लिए एक निश्चित स्थान पर रहती है ताकि वह अपनी स्वतंत्र इच्छा..." Tags: Mobile edit Mobile web edit
  • 07:3907:39, 9 November 2024 diff hist +674 N Translations:Mater/3/hiCreated page with "आत्मा के स्तर से नीचे उतरने वाली जीवात्मा अपने आध्यात्मिक एवं भौतिक विकास के उद्देश्य से भौतिक स्तर पर एक निश्चित समय के लिए एक निश्चित स्थान पर रहती है ताकि वह अपनी स्वतंत्र इच्छा..."
  • 07:3307:33, 9 November 2024 diff hist +268 Mater/hiCreated page with "परम पिता परमात्मा स्वयं के इस मातृ रूप द्वारा अपने बच्चों में त्रिदेव ज्योत के माध्यम से आत्मिक चेतना को एक विकसित करता है। त्रिदेव ज्योत ही वह दिव्य चिंगारी है जो मा..."
  • 07:3307:33, 9 November 2024 diff hist +561 N Translations:Mater/2/hiCreated page with "परम पिता परमात्मा स्वयं के इस मातृ रूप द्वारा अपने बच्चों में त्रिदेव ज्योत के माध्यम से आत्मिक चेतना को एक विकसित करता है। त्रिदेव ज्योत ही वह दिव्य चिंगारी है जो मा..."
  • 07:2607:26, 9 November 2024 diff hist +528 Mater/hiCreated page with "[लैटिन में “माँ” को ''मातृ'' कहते हैं] मातृ का अर्थ है ईश्वर की ज्वाला का मूर्त रूप में प्रकट होना। इसके द्वारा आत्मा ईश्वर की स्त्रियोचित ध्रुवता द्वारा 'शारीरिक रूप से' चौगुना विस्तार..."
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