Mary, the mother of Jesus/hi: Difference between revisions

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(Created page with "इस नए युग के लिए मदर मेरी ने एक न्यू एज हेल मेरी और एक न्यू एज रोज़री जारी की है। मेरी ने कहा है कि हेल मेरी प्रार्थना करने से पहले हमें इस बात का दृढ संकल्प करना चाहिए की हम सब ईश्वर के ब...")
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[[File:0000163 mother-mary-by-ruth-hawkins-2106AX 600.jpeg|thumb|[[Special:MyLanguage/Mother Mary|मदर मेरी]], रुथ हॉकिंस (Mother Mary, by Ruth Hawkins)]]


मदर मेरी पंचम किरण की दिव्य सहायिका तथा [[Special:MyLanguage/Archangel Raphael|महादेवदूत रफाएल]] की [[Special:MyLanguage/twin flame|समरूप जोड़ी]] हैं।  
मदर मेरी पंचम किरण की दिव्य सहायिका तथा [[Special:MyLanguage/Archangel Raphael|महादेवदूत रफाएल]] (Archangel Raphael) की [[Special:MyLanguage/twin flame|समरूप जोड़ी]] (twin flame) हैं।  


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== शुक्र ग्रह पर इनका कार्य ==
== शुक्र ग्रह पर इनका कार्य (Service on Venus) ==


महादेवदूत होने के बावजूद मेरी ने भौतिक अवतार लिया था। पृथ्वी पर जन्म लेने से पहले मेरी [[Special:MyLanguage/Venus|शुक्र]] ग्रह पर रहतीं थीं। शुक्र ग्रह पर मेरी की नियुक्ति [[Special:MyLanguage/Lords of Karma|कर्म के स्वामी]] ने की थी ताकि [[Special:MyLanguage/Eve|हव्वा]] के पतन के बाद उनके द्वारा स्त्री किरण के उत्थान को दर्शाया जा सके। वहाँ उन्होंने उन उन साम्राज्यों के बीच सेवा की जिनकी ऊर्जा [[Special:MyLanguage/etheric plane|आकाशीय स्तर]] पर केंद्रित है और जिन्होंने हजारों वर्षों से सद्भाव और प्रेम के नियमों द्वारा दिव्य माँ की सभ्यता व् संस्कृति को बनाए रखा है।
महादेवदूत होने के बावजूद मेरी (Mother Mary) ने भौतिक अवतार लिया था। पृथ्वी पर जन्म लेने से पहले मेरी [[Special:MyLanguage/Venus|शुक्र]] (Venus) ग्रह पर रहतीं थीं। शुक्र ग्रह पर मेरी की नियुक्ति [[Special:MyLanguage/Lords of Karma|कर्मों के स्वामी]] (Lords of Karma) ने की थी ताकि [[Special:MyLanguage/Eve|हव्वा]] (Eve) के पतन के बाद उनके द्वारा स्त्री किरण (feminine ray) के उत्थान को दर्शाया जा सके। वहाँ उन्होंने उन साम्राज्यों के बीच सेवा की जिनकी ऊर्जा [[Special:MyLanguage/etheric plane|आकाशीय स्तर]] (etheric plane) पर केंद्रित है और जिन्होंने हजारों वर्षों से सद्भाव (harmony) और प्रेम (love) के नियमों द्वारा दिव्य माँ की सभ्यता व् संस्कृति को बनाए रखा है।


शुक्र ग्रह पर लंबे समय तक रहने के दौरान मेरी को धरती पर रहने और मानव जाति द्वारा की गई [[Special:MyLanguage/cosmic honor flame|ब्रह्मांडीय सम्मान की लौ]] की विकृति को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया था ताकि वे मनुष्यों में ईश्वर के नियमों का पालन करना सीख जाएँ - ये ईश्वर के वो नियम हैं जो अणुओं की  
शुक्र ग्रह पर लंबे समय तक रहने के बाद मेरी (Mother Mary) को धरती पर रहने और मानव जाति द्वारा की गई [[Special:MyLanguage/cosmic honor flame|ब्रह्मांडीय सम्मान की लौ]] (cosmic honor flame) की विकृति को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया था ताकि वे मनुष्यों में ईश्वर के नियमों का पालन करना सीख जाएँ - ये ईश्वर के वो नियम हैं जो अणुओं की  
गति तथा आकाशीय पिंडों के लय को बनाये रखते हैं। मेरी अपने साथ [[Special:MyLanguage/Lady Master Venus|लेडी वीनस]] के आग्नेय तत्त्व के एक बड़ा हिस्सा लेकर आयीं थीं, जो उनके प्रेम से परिपूर्ण था, और मेरी के ऊपर मानव जाति में स्त्रीत्व को पुनः जागृत करने की ज़िम्मेदारी थी।
गति तथा आकाशीय पिंडों (heavenly bodies) के लय को बनाये रखते हैं। मेरी अपने साथ [[Special:MyLanguage/Lady Master Venus|लेडी वीनस]] (Lady Master Venus) के अग्नी तत्त्व (fire element) का एक बड़ा हिस्सा लेकर आयीं थीं, जो उनके प्रेम से परिपूर्ण था, और मेरी पर मानव जाति में स्त्रीत्व को पुनः जागृत करने की ज़िम्मेदारी थी।


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=== एटलांटिस ===
=== एटलांटिस (Atlantis) ===


[[Special:MyLanguage/Atlantis|एटलांटिस]] के शुरुआती दिनों में मेरी ने हीलिंग टेम्पल में कार्य किया जहां उन्होंने ईश्वर की पवित्र लौ की देखभाल की और चिकित्सा की विभिन्न विधाओं का अध्ययन किया। उन्होंने ईश्वर के मन में स्थित जीवात्मा की [[Special:MyLanguage/immaculate concept|शुद्ध संकल्पना]] के प्रति अपने मन को एकाग्र किया और उसके प्रति समर्पण करना भी सीखा। इसकी वजह से न सिर्फ हीलिंग टेम्पल में लौ बरकरार रही वरन पूरे एटलांटिस में इसका विस्तार भी हुआ। मेरी के हृदय की पवित्र लौ और ईश्वर के प्रति भक्ति उनके चेहरे पर चमकती थी, और उस मंदिर में आने वाले सभी लोग ये स्पष्ट रूप से देख भी सकते थे। इस जन्म में मेरी अविवाहित रहीं और उन्होंने अपना पूरा जीवन इस मंदिर की सेवा में अर्पित किया।
[[Special:MyLanguage/Atlantis|एटलांटिस]] (Atlantis) के शुरुआती दिनों में मेरी (Mother Mary) ने उपचार के मंदिर (Healing Temple) में कार्य किया जहां उन्होंने ईश्वर की पवित्र लौ की देखभाल की और चिकित्सा की विभिन्न विधाओं का अध्ययन किया। उन्होंने ईश्वर के मन में स्थित जीवात्मा की [[Special:MyLanguage/immaculate concept|शुद्ध संकल्पना]] (immaculate concept) के प्रति अपने मन को एकाग्र किया और उसके प्रति समर्पण करना भी सीखा। इसकी वजह से न सिर्फ उपचार के मंदिर (Healing Temple) में लौ कायम रही वरन पूरे एटलांटिस में इसका विस्तार भी हुआ। मेरी के हृदय की पवित्र लौ और ईश्वर के प्रति भक्ति उनके चेहरे पर चमकती थी, और उस मंदिर में आने वाले सभी लोग ये स्पष्ट रूप से देख भी सकते थे। इस जन्म में मेरी (Mother Mary) अविवाहित रहीं और उन्होंने अपना पूरा जीवन इस मंदिर की सेवा में अर्पित किया।


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=== राजा डेविड की माँ ===
=== राजा डेविड की माँ (Mother of King David) ===


जब पैगम्बर [[Special:MyLanguage/Samuel|शमूएल]] पृथ्वी पर थे तब मेरी जेसी नमक व्यक्ति की पत्नी थीं और उसके आठ बेटे थे। मेरी ने अपने हर जन्म में सदैव माँ की लौ को दर्शाया और इस जन्म में भी उन्होंने अपने पहले सात पुत्रों में आत्मा की सातों किरणों के प्रकाश को बढ़ाया। परन्तु अपने सबसे छोटे पुत्र, [[Special:MyLanguage/King David|डेविड]], में उन्होंने न केवल इन सातों किरणों के गुणों का विस्तार किया बल्कि [[Special:MyLanguage/eighth ray|आठवीं किरण]] का प्रकाश भी बढ़ाया। इन सभी गुणों को राजा डेविड ने अपने शासन काल के दौरान दिखाया और अपने भजनों में लिखा भी।
जब ईश्वरदूत (Prophet) (ईश्वर का सन्देश लोगों तक पहुंचाने वाले)[[Special:MyLanguage/Samuel|सैमुएल]] (Samuel) पृथ्वी पर थे तब मेरी (Mother Mary) जेसी (Jesse) नमक व्यक्ति की पत्नी थीं और उसके आठ बेटे थे। मेरी ने अपने हर जन्म में सदैव माँ की लौ (Mother ray) को दर्शाया और इस जन्म में भी उन्होंने अपने पहले सात पुत्रों में आत्मा की सातों किरणों के प्रकाश को बढ़ाया। परन्तु अपने सबसे छोटे पुत्र, [[Special:MyLanguage/King David|डेविड]] (King David), में उन्होंने न केवल इन सातों किरणों के गुणों का विस्तार किया बल्कि [[Special:MyLanguage/eighth ray|आठवीं किरण]] (eighth ray) का प्रकाश भी बढ़ाया। इन सभी गुणों को राजा डेविड (King David) ने अपने शासन काल के दौरान दिखाया और अपने भजनों में लिखा भी।


डेविड ने [[Special:MyLanguage/Jesus|ईसा मसीह]] के रूप में पुनर्जन्म लिया था - सो, भजन संहिता द्वारा इस्राएलियों को आत्म-प्रवीणता प्राप्त करने वाले व्यक्ति की शिक्षाओं का ज्ञान मिला, जबकि जेनटिल्स (जो यहूदी नहीं हैं) ईसा मसीह द्वारा दिए गए ज्ञान पर चिंतन करते हैं - और सभी उनके (राजा डेविड, जिन्हें इस्राएल और [[Special:MyLanguage/New Jerusalem|नए यरूशलेम]] के राजा के रूप में जाना जाता है) द्वारा निर्धारित लक्ष्य तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं। और इसलिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि आज यरूशलेम शहर के ऊपर स्थित सेनेकल (Cenacle) के ऊपरी कमरे में जहाँ ईसा मसीह और उनके शिष्यों ने अंतिम भोज मनाया था, जहाँ ईसा मसीह अपने पुनरुत्थान के बाद प्रकट हुए थे, और जहाँ पवित्र आत्मा का अवतरण हुआ था - ईसाई प्रार्थना करते हैं। और उसी घर के निचले हिस्से में एक मंदिर है जहाँ यहूदी डेविड की कब्र पर पूजा करते हैं। जो लोग मेरी की पूजा करते हैं उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की मेरी यहूदियों और ईसाईयों दोनों की माँ हैं।
डेविड ने [[Special:MyLanguage/Jesus|ईसा मसीह]] (Jesus) के रूप में पुनर्जन्म लिया था -इस प्रकार, भजन संहिता (Psalms) द्वारा इज़राइल वासीयों को आत्म-प्रवीणता प्राप्त करने वाले व्यक्ति की शिक्षाओं का ज्ञान मिला, जबकि जेनटिल्स (Gentiles) (जो यहूदी नहीं हैं), ईसा मसीह द्वारा दिए गए ज्ञान पर चिंतन करते हैं - और सभी उनके (राजा डेविड, जिन्हें इस्राएल और [[Special:MyLanguage/New Jerusalem|नए जेरुसलम]] (New Jerusalem) के राजा के रूप में जाना जाता है) द्वारा निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने  का प्रयास करते हैं। और इसलिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि आज जेरुसलम शहर के ऊपर स्थित सेनेकल (Cenacle) के ऊपरी कमरे में जहाँ ईसा मसीह और उनके शिष्यों ने अंतिम भोज मनाया था, जहाँ ईसा मसीह अपने पुनरुत्थान के बाद प्रकट हुए थे, और जहाँ पवित्र आत्मा का अवतरण हुआ था - ईसाई प्रार्थना करते हैं। और उसी घर के निचले हिस्से में एक मंदिर है जहाँ यहूदी डेविड की कब्र पर पूजा करते हैं। जो लोग मेरी की पूजा करते हैं, उन्हें इस बात से मतभेद नहीं है की मेरी यहूदियों और ईसाईयों दोनों की माँ हैं।


[[File:Virgin of the Rocks (Louvre).jpg|thumb|''द वर्जिन ऑफ द रॉक्स'', लियोनार्डो दा विंची (१४८३–८६)]]
[[File:Virgin of the Rocks (Louvre).jpg|thumb|''द वर्जिन ऑफ द रॉक्स'', लियोनार्डो दा विंची (१४८३–८६)  
[The Virgin of the Rocks, Leonardo da Vinci (1483–86)]]]


[[File:Rafael Flores - The Holy Family - Google Art Project.jpg|thumb|''द होली फैमिली'', राफेल फ्लोरेस (१८५७)]]
[[File:Rafael Flores - The Holy Family - Google Art Project.jpg|thumb|''द होली फैमिली'', राफेल फ्लोरेस (१८५७)
[The Holy Family, Rafael Flores (1857)]]]


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=== जीसस की माँ ===
=== ईसा मसीह की माँ (Mother of Jesus) ===


पृथ्वी पर अपने अंतिम जन्म में मेरी पदक्रम के आदेशानुसार [[Special:MyLanguage/Jesus the Christ|जीसस]] के जन्म हेतु आगे आयीं। जीसस का कार्य [[Special:MyLanguage/alchemy|रसायन शास्त्र]] के नियमानुसार मनुष्य को पाप, बीमारी और मृत्यु पर प्राप्त करने का रास्ता दिखाना था। बचपन में ही मेरी को विज्ञान में प्रशिक्षित करने के लिए एक मंदिर में रखा गया था। उनकी समरूप जोड़ी, महादेवदूत राफेल, ने अन्य देवदूतों और [[Special:MyLanguage/God and Goddess Meru|देव और देवी मेरु]] के साथ मिलकर उन्हें मातृ सिद्धांत का विकास करने में सहायता की ताकि उनकी चेतना जीसस को जन्म  देने के लिए तैयार हो पाएं।
पृथ्वी पर अपने अंतिम जन्म में मेरी पदक्रम के आदेशानुसार [[Special:MyLanguage/Jesus the Christ|ईसा मसीह ]] (Jesus) के जन्म हेतु आगे आयीं। ईसा मसीह का कार्य [[Special:MyLanguage/alchemy|रसायन शास्त्र]] (alchemy) के नियमानुसार मनुष्य को पाप, बीमारी और मृत्यु पर विजय प्राप्त करने का रास्ता दिखाना था। बचपन में ही मेरी को विज्ञान में प्रशिक्षित करने के लिए एक मंदिर में रखा गया था। उनकी समरूप जोड़ी (twin flame), महादेवदूत रेफेयल (Archangel Raphael), ने अन्य देवदूतों और [[Special:MyLanguage/God and Goddess Meru|देव और देवी मेरु]] (God and Goddess Meru) के साथ मिलकर उन्हें मातृ सिद्धांत का विकास करने में सहायता की ताकि उनकी चेतना ईसा मसीह को जन्म  देने के लिए तैयार हो पाएं।


बचपन में मेरी ने अपनी चेतना को एटलांटिस पर अपने पिछले जन्म के दौरान प्राप्त किये गए ज्ञान पर केंद्रित किया। मेरी और जीसस की सुरक्षा के लिए जोसेफ ([[Special:MyLanguage/Saint Germain|सेंट जर्मेन]] का एक अवतार) को भेजा गया था। ये तीनो मिलकर एक पवित्र परिवार का निर्माण करते हैं, और त्रिदेव ज्योत भी इन्हीं से बनती है - यह ही पूरे ईसाई धर्म का आधार है।
बचपन में मेरी ने अपनी चेतना को एटलांटिस (Atlantis) पर अपने पिछले जन्म के समय में प्राप्त किये गए ज्ञान पर केंद्रित किया। मेरी और ईसा मसीह की सुरक्षा के लिए जोसफ (Joseph) ([[Special:MyLanguage/Saint Germain|संत जरमेन]] का एक अवतार) को भेजा गया था। ये तीनो मिलकर एक पवित्र परिवार का निर्माण करते हैं, और त्रिज्योति लौ (threefold flame) भी इन्हीं से बनती है - यह ही पूरे ईसाई धर्म का आधार है।


इस जन्म से हज़ारों साल पहले, मेरी ने पाँचवीं किरण का आह्वान किया था। उन्होंने इस बात का भी अध्ययन किया था कि आत्मा का सही रूप क्या है और उसे कैसे धारण किया जा सकता है; इसके लिए किस वस्तु की आवश्यकता है - फूल, मंदिर, लौ, कोई कलाकृति या फिर एक पूरी सभ्यता! चाहे कुछ भी हो पर एक ऐसी जीवनधारा अवश्य होनी चाहिए जो इस कार्य के प्रति पूर्णरूप से समर्पित हो, जो इसके विभिन्न अंशों की कल्पना कर पाए और जिसकी चेतना इतनी सशक्त हो कि पवित्र आत्मा की ऊर्जावान शक्ति उस चेतना से प्रवाहित हो इसे रूप और जीवन दे पाए। यह कार्य ईश्वरत्व के मातृत्व की स्त्री किरण के प्रतिनिधि का है। मेंरी ने जीसस के लिए इस भूमिका को निभाया, और इसलिए उनकी चेतना के माध्यम से जीसस में पवित्रता, शक्ति और प्रेम का उदय हुआ जिसने वे अपने मिशन को पूरा करने में समर्थ हुए।
इस जन्म से हज़ारों साल पहले, मेरी (Mother Mary) ने पाँचवीं किरण का उपयोग किया था। उन्होंने इस बात का भी अध्ययन किया था कि आत्मा का निपुणरूप क्या है और उसे कैसे धारण किया जा सकता है; इसके लिए किस वस्तु की आवश्यकता है - फूल, मंदिर, लौ, कोई कलाकृति या फिर एक पूरी सभ्यता! चाहे कुछ भी हो पर एक ऐसी जीवनधारा अवश्य होनी चाहिए जो इस कार्य के प्रति पूर्णरूप से समर्पित हो, जो इसके विभिन्न अंशों की कल्पना कर पाए और जिसकी चेतना इतनी सशक्त हो कि पवित्र आत्मा की ऊर्जावान शक्ति उस चेतना से प्रवाहित हो इसे रूप और जीवन दे पाए। यह कार्य ईश्वरत्व के मातृत्व की स्त्री किरण के प्रतिनिधि का है। मेंरी ने ईसा मसीह के लिए इस भूमिका को निभाया, और इसलिए उनकी चेतना के माध्यम से ईसा मसीह में पवित्रता, शक्ति और प्रेम का उदय हुआ जिसने वे अपने मिशन को पूरा करने में समर्थ हुए।


जीसस सुदूर पूर्व हिमालय में काफी समय [[Special:MyLanguage/Lord Maitreya|मैत्रेय बुद्ध]] के शिष्य बनकर रहे और जब वे वापिस लौटे तो उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। यह समय उनकी माँ मेरी के लिए बहुत चुन्नोती पूर्ण था, और यह कहना गलत नहीं होगा की मेरी द्वारा पांचवीं किरण के आह्वान ने ही मेरी को अंत तक जीत के सांचे को बनाए रखने में सक्षम बनाया।  
ईसा मसीह अपने सेवाकाल के अंतिम तीन वर्षों के समय सुदूर पूर्व (fareast) से लौटने के बाद जहां उन्होंने हिमालय में मैत्रेय बुद्ध के अधीन अध्ययन किया, [[Special:MyLanguage/Lord Maitreya|मैत्रेय बुद्ध]]और जब वे वापिस लौटे तो उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। यह समय उनकी माँ मेरी के लिए बहुत चुन्नोती पूर्ण था, और यह कहना गलत नहीं होगा की मेरी द्वारा पांचवीं किरण के आह्वान ने ही मेरी को अंत तक जीत के सांचे को बनाए रखने में सक्षम बनाया।  


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==== बाद के वर्ष ====
==== बाद के वर्ष ====


चालीस दिन की अवधि के बाद, जिसके दौरान जीसस धर्मदूतों और ऊपरी कमरे की पवित्र महिलाओं के सामने प्रकट हुए, मेरी ने उन अनुयायियों को इकट्ठा किया जिन्होंने स्वयं को दीक्षा में निहित रहस्यों में भाग लेने के लिए तैयार किया था। ये शिष्य अक्सर जीसस के पवित्र वचनों को सुनने तथा उनके निर्देश प्राप्त करने करने के लिए एकत्रित होते थे। पेंटिकोस्ट (Pentecost) के दिन [[Special:MyLanguage/Holy Spirit|पवित्र आत्मा]] के अवतरण द्वारा इन्हें पृथ्वी पर ईश्वर के समतुल्य बनाया गया - इनकी आत्माओं के समर्पण ने ही ईसाई चर्च की नींव रखी।  
चालीस दिन की अवधि के बाद, ईसा मसीह के प्रचारकों (apostles) और पवित्र महिलाओं (holy women) के सामने ऊपरी कमरे (upper room) में प्रकट हुए। मेरी ने उन अनुयायियों को इकट्ठा किया जिन्होंने स्वयं को दीक्षा में निहित रहस्यों में भाग लेने के लिए तैयार किया था। ये शिष्य अक्सर ईसा मसीह के वचनों को सुनने तथा उनके निर्देश प्राप्त करने करने के लिए एकत्रित होते थे। पेंटिकोस्ट (Pentecost) के दिन [[Special:MyLanguage/Holy Spirit|पवित्र आत्मा]] के अवतरण द्वारा इन्हें पृथ्वी पर ईश्वर के समतुल्य बनाया गया - इनकी आत्माओं के समर्पण ने ही ईसाई धर्म की नींव रखी।  


मदर मेरी को प्रकाश वाहकों के समुदाय का मुखिया माना जाता है। इस समुदाय में धर्मदूत, शिष्य, पवित्र महिलायें सभी आते हैं। मेरी पवित्र भूमि, भूमध्य सागर और एशिया माइनर में प्रवाहित होने वाली आत्मिक ऊर्जाओं का वास्तविक स्रोत थीं। मेरी के हृदय से निकलते पवित्र आत्मा की अग्नि के संकेंद्रित छल्ले पिता-माता के आलिंगन के सामान स्नेहपूर्वक पूरी मानवता को आत्मसात करते हैं।  
माँ मेरी (Mother Mary) को प्रकाश वाहकों (lightbearers) के समुदाय का मुखिया माना जाता है। इस समुदाय में धर्मदूत (apostles), शिष्य, पवित्र महिलायें (holy women) सभी आते हैं। मेरी पवित्र भूमि (holy land), भूमध्य सागर (Mediterranean) और एशिया माइनर [Asia Minor (also called Anatolia)(एशिया माइनर पश्चिमी एशिया का एक प्रायद्वीप है, जो आज के तुर्की (Turkey) के अधिकांश भाग को दर्शाता है)] में प्रवाहित होने वाली आत्मिक ऊर्जाओं का वास्तविक स्रोत थीं। मेरी के हृदय से निकलते पवित्र आत्मा की अग्नि के संकेंद्रित छल्ले (concentric rings of fire—the fire of the Holy Ghost) पिता-माता के आलिंगन द्वारा स्नेहपूर्वक पूरी मानवता को संभाले रखते हैं।  


ऐसा माना जाता है कि मेरी ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष यरुशलम में बिताए और लगभग 48 वर्ष में उन्होंने अपने भौतिक शरीर का त्याग किया। स्थानीय परंपरा के अनुसार मेरी को यरुशलम में होने वाले उत्पीड़न से बचाने के लिए जॉन इफिसुस नामक शहर ले गए।<ref>क्ट्स १:१४</ref>
ऐसा माना जाता है कि मेरी ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष जेरूसलम में बिताए और लगभग 48 वर्ष में उन्होंने अपने भौतिक शरीर का त्याग किया। स्थानीय परंपरा के अनुसार मेरी को जेरूसलम में होने वाले उत्पीड़न (persecution) से बचाने के लिए जॉन (John, apostle) इफिसुस (Ephesus) नामक शहर ले गए।
मेरी की मृत्यु से जुड़ी अलग-अलग परंपराओं को देखने पर हमें प्रमाण सेनेकल (Cenacle) तक ले जाते हैं, वह ऊपरी कमरा (upper room) जहाँ अंतिम भोज (last supper) हुआ था।ref>Acts 1:14.</ref>


किंवदंती है कि प्रारंभिक चर्च की माँ (मदर मेरी) ने पृथ्वी के विकास के लिए [[Special:MyLanguage/Mount Zion|माउंट ज़िओन]] में एक घर - जो कि सेड्रॉन वैली और माउंट ऑफ़ ऑलिव्स से दिखता था - माँ की लौ को बनाये रखा था। इस घर में ऊपर के कमरे में (जहाँ शिष्य एकत्रित हुआ करते थे ) पहला ईसाई चर्च स्थापित किया गया था, और यहीं से मेरी ने अपने अंतिम वर्षों के दौरान लोगो की सेवा की थी। इस स्थान को मदर मेरी का शयनस्थान मानकर ईसाई इसकी पेहरदारी करते हैं।
कहा जाता है कि प्रारंभिक ईसाई धर्म की माँ मेरी ने पृथ्वी के विकास के लिए [[Special:MyLanguage/Mount Zion|माउंट ज़िओन]] (Mount Zion) में एक घर - जो कि सेड्रॉन वैली (Cedron Valley) और माउंट ऑफ़ ऑलिव्स (Mount of Olives) से दिखता था - माँ की लौ को बनाये रखा था। इस घर में ऊपर के कमरे में (जहाँ शिष्य एकत्रित हुआ करते थे) पहला ईसाई चर्च स्थापित किया गया था, और यहीं से मेरी ने अपने अंतिम वर्षों के समय लोगो की सेवा की थी। इस स्थान को मेरी का शयनस्थान मानकर ईसाई उनकी याद को सहेज कर रखते हैं।


<span id="Her_ascension"></span>
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== मेरी का शरीर त्याग ==
== मेरी का शरीर त्याग ==


डमस्कस के सेंट जॉन के अनुसार सेवा और दीक्षा की शानदार अवतार मेरी अपने अंत समय कब्र (जिसमे शिष्यों ने उनके पार्थिव शरीर को रखा था) से निकल गयी थीं। तीन दिन बाद जब उनकी कब्र खोली गयी तो वहां लिली के बारह सफ़ेद फूल मिले।  
डमस्कस के संत जॉन (Saint John of Damascus) के अनुसार सेवा और दीक्षा की शानदार अवतार मेरी अपने अंत समय कब्र (जिसमे शिष्यों ने उनके पार्थिव शरीर को रखा था) से उठान (ascend) कर गयी थीं। तीन दिन बाद जब उनकी कब्र खोली गयी तो वहां लिली के बारह सफ़ेद फूल मिले।  


मृत्योपरांत ईसाईयों ने मेरी को स्वर्ग की रानी की उपाधि से अलंकृत किया और उन्हें [[Special:MyLanguage/World Mother|विश्व माता]] का प्रतिनिधि भी कहा। यद्यपि सभी महिला दिव्यगुरु विश्व माता की प्रतिनिधि हैं और उनकी लौ अपने पास रखती हैं, मदर मैरी को हम मातृत्व का आदर्श, और सभी माताओं की माँ मानते हैं।  
मृत्योपरांत ईसाईयों ने मेरी को स्वर्ग की रानी (Queen of Heaven) की उपाधि से अलंकृत किया और उन्हें [[Special:MyLanguage/World Mother|विश्व माता]] (World Mother) का प्रतिनिधि भी कहा। यद्यपि सभी महिला दिव्यगुरु विश्व माता की प्रतिनिधि हैं और उनकी लौ अपने पास रखती हैं, मेरी को हम मातृत्व का आदर्श, और सभी माताओं की माँ मानते हैं।  


१९५४ तक जीसस और मदर मेरी ने छठे युग के लिए पुरुष और स्त्री किरणों को केंद्रित किया। उसके बाद सेंट जर्मेन और [[Special:MyLanguage/Portia|पोर्टिया]] ने सातवीं किरण पर आने वाले सातवें युग के निर्देशकों का पदभार संभाला।  
१९५४ तक ईसा मसीह और माँ मेरी ने छठे युग के लिए पुरुष और स्त्री किरणों को केंद्रित किया। उसके बाद संत जरमेंन  और [[Special:MyLanguage/Portia|पोरशिया]] (Portia) ने सातवीं किरण पर आने वाले सातवें युग के निर्देशकों का पदभार संभाला।  


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== मेरी का प्रकटन ==
== मेरी का प्रकटन ==


मेरी ने १५ अगस्त को होना शरीर छोड़ा था। इसके बाद से वे कई बार दुनिया भर में प्रकट हुई हैं, और कई बार उन्होंने लोगों को चमत्कारिक रूप से स्वस्थ किया है। पृथ्वी पर अपने अंतिम जन्म के बाद के कुछ वर्षों में उन्होंने भविष्य के अपने प्रकटनों के लिए मंच तैयार किया था -  उस दौरान उन्होंने [[Special:MyLanguage/John the Beloved|जॉन द बिलवेड]] और पाँच अन्य लोगों के साथ दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया था।वे सबसे पहले मिस्र के लक्सर में स्थित [[Special:MyLanguage/Ascension Temple|एसेंशन टेम्पल]] गए। इसके बाद वे जल मार्ग द्वारा भूमध्य सागर के पार क्रेते द्वीप पर गए -  रास्ते में वे जिब्राल्टर जलडमरूमध्य से होते हुए पुर्तगाल में [[Special:MyLanguage/Fatima|फ़ातिमा]], दक्षिणी फ्रांस में [[Special:MyLanguage/Lourdes|लूर्डेस]], ब्रिटिश द्वीप में [[Special:MyLanguage/Glastonbury|ग्लैस्टनबरी]] और आयरलैंड में रुके। इन सभी स्थानों पर मेरी और उनके साथियों ने लोगों का ध्यान पाँचवीं किरण की ओर केंद्रित किया और भविष्य में आत्मिक चेतना के विस्तारण का काम करने वालों के लिए नींव तैयार करी।
मेरी ने १५ अगस्त को भौतिक शरीर छोड़ा था। इसके बाद से वह कई बार दुनिया भर में प्रकट हुई हैं, और कई बार उन्होंने लोगों को चमत्कारिक रूप से स्वस्थ किया है। पृथ्वी पर अपने अंतिम जन्म के बाद के कुछ वर्षों में उन्होंने भविष्य के अपने प्रकटनों के लिए मंच तैयार किया था -  उस समय उन्होंने [[Special:MyLanguage/John the Beloved|जॉन द बिलवेड]] (John the Beloved) और पाँच अन्य लोगों के साथ दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया था। वे सबसे पहले मिस्र के लक्सर (Luxor in Egypt) में स्थित [[Special:MyLanguage/Ascension Temple|अध्यात्मिक उत्थान का मंदिर]] (Asension Temple) गए। इसके बाद वे जल मार्ग द्वारा भूमध्य सागर के पार क्रेते द्वीप (Island of Crete) पर गए -  रास्ते में वे जिब्राल्टर जलडमरूमध्य (Straits of Gibraltar) से होते हुए पुर्तगाल में [[Special:MyLanguage/Fatima|फ़ातिमा]] (Fatima in Portugal), दक्षिणी फ्रांस में [[Special:MyLanguage/Lourdes|लूर्डेस]] (Lourdes in Southern France), ब्रिटिश द्वीप में [[Special:MyLanguage/Glastonbury|ग्लैस्टनबरी]] (Glastonbury in the British Isles) और आयरलैंड (Ireland) में रुके। इन सभी स्थानों पर मेरी और उनके साथियों ने लोगों का ध्यान पाँचवीं किरण की ओर केंद्रित किया और भविष्य में आत्मिक चेतना के विस्तारण का काम करने वालों के लिए नींव तैयार की।


मेरी की इन सभी यात्राओं ने ग्रीस में [[Special:MyLanguage/apostle Paul|धर्मगुरु पॉल]] के काम और फ़ातिमा और लूर्डेस में उनके खुद के प्रकट होने की नींव रखी। अंतिम भोजन के समय जीसस द्वारा इस्तेमाल किया गया प्याला [[Special:MyLanguage/Holy Grail|होली ग्रेल]] ग्लास्टनबरी के एक कुएँ में दफना दिया गया था। यहाँ पर आत्मा की लौ भी लगाई गई थी जिसने बाद में [[Special:MyLanguage/King Arthur|राजा आर्थर]] को राउंड टेबल के शूरवीरों का गठन करने और होली ग्रेल की खोज के लिए प्रेरित किया।  
मेरी की इन सभी यात्राओं ने यूनान में [[Special:MyLanguage/apostle Paul|धर्मगुरु पॉल]] (Aspostle Paul) के काम और फ़ातिमा (Fatima) और लूर्डेस (Lourdes) में उनके स्वयं के प्रकट होने की नींव रखी। अंतिम भोजन के समय ईसा मसीह द्वारा प्रयोग किया गया प्याला [[Special:MyLanguage/Holy Grail|होली ग्रेल]] (Holy Grail) ग्लास्टनबरी (Glastonbury) के एक कुएँ में दफना दिया गया था। यहाँ पर आत्मा की लौ (Flame of Eternity) भी लगाई गई थी जिसने बाद में [[Special:MyLanguage/King Arthur|राजा आर्थर]] (King Arthur) को राउंड टेबल (Round Table) के शूरवीरों का गठन करने और होली ग्रेल (Holy Grail) की खोज के लिए प्रेरित किया।  


[[Special:MyLanguage/Saint Patrick|सेंट पैट्रिक]] ने आयरलैंड में स्थापित [[Special:MyLanguage/threefold flame|त्रिदेव ज्योत]] के फोकस पर ध्यान केंद्रित किया - उन्होंने शेमरॉक के माध्यम से जीवात्मा, आत्मा और परमात्मा की एकता तथा त्रिदेव के आस्तित्व के बारे में भी बताया। पन्ना जैसी हरी [[Special:MyLanguage/healing flame|उपचारात्मक लौ]] आज तक आयरलैंड का प्रतीक है, और यह उन सात प्रतिनिधियों द्वारा की गयी बहुत पहले की गयी उस यात्रा की भी याद दिलाती है जिनकी सात किरणों के प्रति भक्ति ने उन्हें पूरे यूरोप और अंततः पश्चिमी गोलार्ध में ईसाई धर्म के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करने में सक्षम बनाया।
[[Special:MyLanguage/Saint Patrick| संत पैट्रिक]] (Saint Patrick) ने आयरलैंड (Ireland) में स्थापित [[Special:MyLanguage/threefold flame|त्रिज्योति लौ]] (threefold flame) के केंद्र बिंदु
पर ध्यान केंद्रित किया - उन्होंने तिपतिया (shamrock) के माध्यम से जीवात्मा, आत्मा और परमात्मा की एकता तथा त्रिज्योति लौ के आस्तित्व के बारे में भी बताया। जवाहिर (emerald) जैसा हरा रंग [[Special:MyLanguage/healing flame|उपचारात्मक लौ]] आज तक आयरलैंड का प्रतीक है, और यह उन सात प्रतिनिधियों द्वारा बहुत पहले की गयी उस यात्रा की भी याद दिलाती है जिनकी सात किरणों के प्रति भक्ति ने उन्हें पूरे यूरोप और अंततः पश्चिमी गोलार्ध में ईसाई धर्म के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करने में सक्षम बनाया।


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मेरी के विशिष्ट स्वरूपों के बारे में जानकारी के लिए देखें:
मेरी के विशिष्ट स्वरूपों के बारे में जानकारी के लिए देखें:


[[Special:MyLanguage/Our Lady of Guadalupe|गुआडालूप की स्त्री]]
[[Special:MyLanguage/Our Lady of Guadalupe|गुआडालूप की स्त्री]] (Our Lady of Guadalupe)


[[Special:MyLanguage/Lourdes|लूर्डेस]]
[[Special:MyLanguage/Lourdes|लूर्डेस]] (Lourdes)


[[Special:MyLanguage/Our Lady of Knock|नॉक की स्त्री ]]
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
[[Miraculous Medal]]
</div>
 
[[Special:MyLanguage/Our Lady of Knock|नॉक की स्त्री ]] (Our Lady of Knock)


[[Special:MyLanguage/Fátima|फातिमा]]
[[Special:MyLanguage/Fátima|फातिमा]] (Fátima)


[[Special:MyLanguage/Zeitoun|ज़ैतोन]]
[[Special:MyLanguage/Zeitoun|ज़ैतोन]] (Zeitoun)


[[Special:MyLanguage/Garabandal|गरबंदल]]
[[Special:MyLanguage/Garabandal|गरेबंडल ]] (Garabandal) (गरेबंडल स्पेन का एक छोटा सा गाँव है)


[[Special:MyLanguage/Medjugorje|मेडजुगोरजे]]
[[Special:MyLanguage/Medjugorje|मेद्जुगोर्ये]] (Medjugorje) (मेद्जुगोर्ये बोस्निया और हर्ज़ेगोविना में स्थित एक नगर है। यह मुख्य रूप से एक कैथोलिक तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है)


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<span id="The_age_of_the_Mother"></span>
== माँ का युग ==
== माँ का युग ==


[[File:0000398 virgin-mary-holding-globe-4806AX 600.jpeg|thumb|''द वर्जिन ऑफ द ग्लोब'']]
[[File:0000398 virgin-mary-holding-globe-4806AX 600.jpeg|thumb|''ग्लोब की कंवारी स्त्री'' (The Virgin of the Globe)]]


[[Special:MyLanguage/Aquarian age|कुंभ युग]] माँ और पवित्र आत्मा का युग है। इस युग में हमें ईश्वर के मातृ रूप का अनुभव भी करना है और उसे व्यक्त भी। ईश्वर के स्त्री रूप को समझने के बाद ही हम स्वयं में इन दोनों स्वरूपों - स्त्री और पुरुष -  की रचनात्मकता -  सुंदरता, सृजनात्मकता, [[Special:MyLanguage/intuition|अंतर्ज्ञान]], प्रेरणा को उभार सकते हैं।
[[Special:MyLanguage/Aquarian age|कुंभ युग]] (Aquarian age) माँ और पवित्र आत्मा का युग है। इस युग में हमें ईश्वर के मातृ रूप का अनुभव भी करना है और उसे व्यक्त भी। ईश्वर के स्त्री रूप को समझने के बाद ही हम स्वयं में इन दोनों स्वरूपों - स्त्री और पुरुष -  की रचनात्मकता -  सुंदरता, सृजनात्मकता, [[Special:MyLanguage/intuition|अंतर्ज्ञान]] (intuition), प्रेरणा को उभार सकते हैं।


पूर्वी देशों में ईश्वर को माँ के रूप में देखना कोई नई बात नहीं है। हिंदू लोग माँ का ध्यान [[Special:MyLanguage/Kundalini|कुंडलिनी]] देवी के रूप में करते हैं; वे माँ को एक श्वेत प्रकाश या कुंडली मार के बैठे हुए सर्प के रूप में वर्णित करते हैं - यह सर्प मूलाधार चक्र से ऊपर उठ, प्रत्येक [[Special:MyLanguage/chakra|चक्र]] (आध्यात्मिक केंद्र) को सक्रीय और प्रकाशित करता हुआ सहस्रार चक्र तक जाता है। स्त्री और पुरुष दोनों का ही उद्देश्य अपने अंतरतम अस्तित्व के इस पवित्र प्रकाश को जगाना है जो अन्यथा हमारे भीतर सुप्त अवस्था में रहता है। ईश्वर के मातृ स्वरुप की आराधना ही इस ऊर्जा - कुंडलिनी - को खोलने की कुंजी है।
पूर्वी देशों में ईश्वर को माँ के रूप में देखना कोई नई बात नहीं है। हिंदू लोग माँ का ध्यान [[Special:MyLanguage/Kundalini|कुंडलिनी]] देवी (Goddess Kundalini) के रूप में करते हैं; वे माँ को एक श्वेत प्रकाश या कुंडली मार के बैठे हुए सर्प के रूप में वर्णित करते हैं - यह सर्प मूलाधार चक्र से ऊपर उठ, प्रत्येक [[Special:MyLanguage/chakra|चक्र]] (आध्यात्मिक केंद्र) को सक्रीय और प्रकाशित करता हुआ सहस्रार चक्र तक जाता है। स्त्री और पुरुष दोनों का ही उद्देश्य अपने अंतरतम अस्तित्व के इस पवित्र प्रकाश को जगाना है जो अन्यथा हमारे भीतर सुप्त अवस्था में रहता है। ईश्वर के मातृ स्वरुप की आराधना ही इस ऊर्जा - कुंडलिनी - को खोलने की कुंजी है।


पश्चिमी सभ्यता में भी मातृत्व के विकास पर ज़ोर दिया है। इसी उद्देश्य से मदर मेरी ने कई संतों को [[Special:MyLanguage/Hail Mary|हेल मेरी]] और [[Special:MyLanguage/rosary|रोज़री]] के माध्यम से मातृत्व को विकसित करने के लिए दर्शन दिए। संतों को उनके सिर के चारों ओर एक सफ़ेद रोशनी या प्रभामंडल के साथ चित्रित किया गया है क्योंकि उन्होंने कुंडलिनी को ऊपर उठाया है और अपने सहस्रार चक्र को संतुलित किया है। उन्हें परमानन्द की अनुभूति हो चुकी है। महान ईसाई रहस्यवादी जैसे [[Special:MyLanguage/Saint John of the Cross|सेंट जॉन ऑफ़ द क्रॉस]], सेंट [[Special:MyLanguage/Therese of Lisieux|थेरेसा ऑफ़ लिसीक्स]] और [[Special:MyLanguage/Padre Pio|पाद्रे पियो]] सभी ने इस परमानन्द की अनुभूयति की है।
पश्चिमी सभ्यता में भी मातृत्व के विकास पर ज़ोर दिया है। इसी उद्देश्य से माँ मेरी ने कई संतों को [[Special:MyLanguage/Hail Mary|हेल मेरी]] (Hail Mary) और [[Special:MyLanguage/rosary|जपमाला]] (rosary) के माध्यम से मातृत्व को विकसित करने के लिए दर्शन दिए। संतों को उनके सिर के चारों ओर एक सफ़ेद रोशनी या प्रभामंडल के साथ चित्रित किया गया है क्योंकि उन्होंने कुंडलिनी (Kundalini) की ऊर्जा को ऊपर उठाया है और अपने सहस्रार चक्र को संतुलित किया है। उन्हें परमानन्द की अनुभूति हो चुकी है। महान ईसाई रहस्यवादी, जैसे [[Special:MyLanguage/Saint John of the Cross|सेंट जॉन ऑफ़ द क्रॉस]], (Saint John of the Cross), सेंट [[Special:MyLanguage/Therese of Lisieux|थेरेसा ऑफ़ लिसीक्स]] (Saint Therese of Lisieux) और [[Special:MyLanguage/Padre Pio|पाद्रे पियो]] (Padre Pio) सभी ने इस परमानन्द की अनुभूयति की है।


<span id="The_Hail_Mary"></span>
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== हेल मेरी ==
== ईश्वर का मातृत्व अभिवादन ==


इस नए युग के लिए मदर मेरी ने एक न्यू एज हेल मेरी और एक न्यू एज रोज़री जारी की है। मेरी ने कहा है कि हेल मेरी प्रार्थना करने से पहले हमें इस बात का दृढ संकल्प करना चाहिए की हम सब ईश्वर के बेटे और बेटियाँ हैं, पापी नहीं। हमें दृढ़तापूर्वक यह भी मानना चाहिए कि हम किसी भी हालत में पाप, बीमारी और मृत्यु पर जीत हासिल करेंगे।
इस नए युग के लिए माँ मेरी ने एक नए युग का मातृत्व अभिवादन की क्रिया और एक नए युग की मातृत्व अभिवादन की जपमाला जारी की है। माँ मेरी ने कहा है कि मातृत्व अभिवादन की जपमाला करने से हम इस बात का दृढ संकल्प करते हैं कि हम सब ईश्वर के बेटे और बेटियाँ हैं, पापी नहीं। हमें दृढ़तापूर्वक यह भी मानना चाहिए कि हम किसी भी हालत में पाप, बीमारी और मृत्यु पर विजय प्राप्त करेंगे।


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
हे मातृत्व किरण के प्रकाश की कृपा से परिपूर्ण माँ मेरी, पितृवत ऊर्जा  तुला में आप सम्पूर्ण हो,
::Hail, Mary, full of grace
ईश्वर के मातृ रूप में आप धन्य हो
:::the Lord is with thee.
और धन्य है आपके गर्भ का फल, ईसा मसीह।
::Blessed art thou among women
::: and blessed is the fruit of thy womb, Jesus.
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
पवित्र,मेरी, ईश्वरीय पुत्र की जननी माँ,
::Holy Mary, Mother of God,
हम ईश्वर के पुत्रों और पुत्रियों के लिए प्रार्थना करें,
::Pray for us, sons and daughters of God,
अब और हमारी पाप, बीमारी और मृत्यु पर विजय प्राप्ति के समय।
::Now and at the hour of our victory
::Over sin, disease and death.
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
सदियों से माँ मेरी ने मानवजाति की अनगिनत बार सहायता की है। वह हमें व्रत, उपवास करने, प्रार्थना करने और जपमाला करने का आग्रह करती है। माँ मेरी कहती हैं:  
The impact of Mother Mary’s service and intercession throughout the centuries is almost incalculable. She urges us to fast and pray and to give the rosary. Mother Mary has said:
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
मैं आपको जपमाला के द्वारा अपने कारण शरीर तक, उन चौदह अवस्थाओं तक पहुँचने के अवसर प्रदान करती हूँ जिन्हें मैंने लंबे समय तक आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर के अर्जित किया है। मैं आपको वह सब शक्ति और उपलब्धि प्राप्त करने का अवसर देती हूँ जो ईश्वर ने मुझे प्रदान की हैं। और चूँकि मैं ईश्वर की सेविका हूँ, मैं आपको अपनी यह शक्ति देती हूँ ताकि यह आपके भौतिक शरीर और हृदय के माध्यम से आपकी भौतिक दुनिया और भौतिक समस्या के करीब आ सके (और उस समस्या का निदान कर पाए)।<ref>मदर मेरी, "टू प्रिक द कांशसनेस ऑफ़ द नेशंस," {{POWref|२७|४८|, ३० सितंबर, १९८४}}</ref></blockquote>
<blockquote>I extend to you, then, access by the rosary—''by the rosary''—to my causal body, to the attainment on those [[Fourteen stations of the cross|fourteen stations]] that I have gained throughout my long spiritual history. I give you, therefore, the opportunity to receive that power and attainment that God has given me as my great Teacher. And as I am his servant, this I transmit to you that it might become close to the physical world and the physical problem through your own physical body and heart.<ref>Mother Mary, “To Prick the Conscience of the Nations,{{POWref|27|48|, September 30, 1984}}</ref></blockquote>
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<span id="Mary’s_service_today"></span>
== Mary’s service today ==
== वर्तमान समय में माँ मेरी द्वारा प्रदान सेवा ==
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
आजकल माँ मेरी मास्टर [[Special:MyLanguage/El Morya|एल मोरया]] (El Morya) और [[Special:MyLanguage/Darjeeling Council|दार्जिलिंग काउंसिल]] (Darjeeling Council) के साथ मिलकर मानवजाति के हित की लिए वो सब काम करती हैं जो ईश्वर की इच्छा के अनुरूप होते हैं। उनके पास नीले रंग का एक लबादा (cape) है जो हर जीवात्मा के भीतर उभरने वाली आत्मिक चेतना की रक्षा करता है, और जब भी कोई व्यक्ति माँ को पुकारता है तो माँ मेरी उस लबादे से उसे ढक कर माँ की सुरक्षा देती हैं। [[Special:MyLanguage/Archangel Gabriel|महादेवदूत गेब्रियल]] (Archangel Gabriel) के साथ मिलकर वे पृथ्वी पर जन्म लेने वाले बच्चों के लिए रास्ता तैयार करती हैं, वह होनेवाले माता-पिता को शिक्षा देती हैं और [[Special:MyLanguage/body elemental|शरीर के मौलिक देव]] (Body Elemental)  को जीवात्माओं का भौतिक शरीर बनाने में मार्गदर्शन भी करती हैं।
Today she works with the master [[El Morya]] and the [[Darjeeling Council]] in their service to the will of God on behalf of all mankind. She has a blue cape focusing that will and its intense protection for the Christ consciousness emerging within every soul, and when called upon, she will place that cape around all who are in need of the protection of a mother’s love. She renders assistance with [[Archangel Gabriel]] in preparing the way for the incoming children, in teaching the parents and in guiding the [[body elemental]]s in forming their physical bodies.
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
पुनरुथान मंदिर (Resurrection Temple) का पवित्र हृदय माँ मेरी का केंद्र है और यह त्रिज्योति लौ  का केंद्र भी है। संत जरमेंन और ईसा मसीह के साथ मिल कर माँ मेरी ने आने वाले दो हज़ार साल के लिए ईसाई विश्वास और आने वाले युग की नींव रखी।
Mary’s focus of the Sacred Heart in the Resurrection Temple is the focus of the threefold flame commemorating the mission of the Christ of the Holy Trinity. Her service with Saint Germain and Jesus laid the foundation for two thousand years of Christian belief and service and also for the coming age.
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
माँ मेरी कहती हैं, "सदियों से मैंने मनुष्यों को जीवात्माओं की रक्षा करने हेतु ईश्वर की प्रार्थना करने और माला का जाप करने का अनुरोध किया है। लाखों लोगों ने मेरा कहा माना है और स्वयं को सुरक्षित किया।"<ref>मदर मेरी २४ फरवरी, १९८०.</ref> जब मेरी ने फ़ातिमा, [[Special:MyLanguage/Medjugorje|मेद्जुगोर्ये]] (Fatima, Medjugorje) और दुनिया के अन्य स्थानों पर लोगों को दर्शन दिए तो उन्होंने लोगों को यह चेतावनी भी दी कि उनकी बातों को नज़रअंदाज़ करने का फल अच्छा नहीं होगा।
Mary says, “My appearances through the centuries have centered on the request for prayer and for the giving of the rosary for the saving of souls. Millions have been saved because millions have responded to my call.”<ref>Mother Mary, February 24, 1980.</ref> In her appearances at Fátima, [[Medjugorje]] and other places in the world, Mary has told of what may come upon the earth if we do not heed her warnings.
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
१९८४ में माँ मेरी (Mother Mary) ने कहा था:
In 1984 Mother Mary said:
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<blockquote> मैंने फातिमा की भविष्य वाणी में  विजय प्राप्त की है। मैं उस संदेश में विजयी हूँ। और मैं प्रत्येक घर और प्रत्येक दिल का दरवाज़ा खटखटाती हूँ, लोगों से पूछती हूँ कि क्या वे मेरे साथ प्रार्थना करने के लिए आगे आएंगे - क्या वे वायलेट लौ के दिव्य आदेश करेंगे, माला जपेंगे या फिर [[Special:MyLanguage/Archangel Michael|महादेवदूत माइकल]] (Archangel Michael) का  आह्वान करेंगे। प्रार्थना करने से ही द्वार खुलते हैं और देवदूत आकर आपदा (disaster) और विपत्ति को रोकने के लिए काम करते हैं।<ref>मदर मैरी, "द कंटीन्यूटी ऑफ़ बीइंग,"(Mother Mary) "The Continuity of Being" {{POWref|२७|६३|, ३० दिसंबर, १९८४}}</ref></blockquote>
<blockquote>I live with the Fátima prophecy. I live with its message. And I go from door to door and heart to heart knocking, asking for those who will come and pray with me—pray the violet flame or the rosary or the calls to [[Archangel Michael]]. But above all, pray. For by thy prayer is the open door extended, and the angels come stepping through the veil to prevent disaster and calamity.<ref>Mother Mary, “The Continuity of Being,” {{POWref|27|63|, December 30, 1984}}</ref></blockquote>
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
देवदूतों की मध्यस्थता से अनेकों बार चमत्कार हुए हैं। जब १९४५ में हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया गया था, तो परमाणु विस्फोट के केंद्र से आठ ब्लॉक दूर रहने वाले आठ लोग चमत्कारिक रूप से अछूते रहे थे। उनमें से एक, फादर ह्यूबर्ट शिफनर (Father Hubert Shiffner), एस.जे. (S.J.) ने बताया, "उस घर में हर दिन माला का जाप किया जाता था। उस घर में, हम फातिमा के संदेश को जी रहे थे।"<ref>फ्रांसिस जॉनस्टन, ''फातिमा: द ग्रेट साइन'' (Francis Johnston, ''Fatima: The Great Sign'') (Washington, N.J.: AMI Press, 1980), (वाशिंगटन, एन.जे.: एएमआई प्रेस, १९८०), पृष्ठ १३९.</ref>
Miracles have occurred again and again through her intercession. When the atomic bomb was dropped on Hiroshima in 1945, eight men living eight blocks from the center of the nuclear blast were miraculously untouched. One of them, Father Hubert Shiffner, S.J., explained, “In that house the rosary was prayed every day. In that house, we were living the message of Fatima.”<ref>Francis Johnston, ''Fatima: The Great Sign'' (Washington, N.J.: AMI Press, 1980), p. 139.</ref>
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
माँ मेरी धन्य हैं, ये अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए और समाज की बुराइयों के खिलाफ बोलने के लिए सदा तत्पर रहती हैं।
This blessed Mother is fierce in the protection of her children and outspoken on the ills of society:
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<blockquote>सिनेमा के आविष्कार के बाद से यह धरती अंधेरे से घिरी हुई ह। मेरे बेटे के नाम का सम्मान करने के लिए बनाए गए चर्चों में भी अँधेरा छाया हुआ है। राजनीतिज्ञ अपने लौकिक ताज की तलाश में व्यस्त हैं। [[Special:MyLanguage/elemental|सृष्टि देवों]] (elemental) ने हाल ही में एक दूसरे के साथ मुलाक़ात की है, और वे विश्व के प्रलयात्मक विनाश का प्रारम्भ शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं जो दुनिया में अभी शुरू ही हुई हैं। और यह विनाश तब तक चलता रहेगा जब तक कि स्वार्थी मनुष्यों का ह्रदय ईश्वर की ओर नहीं झुक जाता - ये स्वार्थी लोग मानवजाति की आवश्यकताओं को समझ नहीं पा रहें हैं।<ref>{{MMN}}, पृष्ठ २५८, २६०.</ref></blockquote>  
<blockquote>The land is plagued with darkness upon the screens of the invention of the motion picture. The land is plagued with darkness over the churches devoted to honor my Son’s name. The land is plagued with darkness as the political candidates struggle among themselves seeking a temporal crown.... The [[elemental]]s have communicated recently with one another, and they are preparing to execute cataclysmic strands of destruction that have only begun in the world order. And this shall come to pass unless the teachings of God shall be fulfilled in the hearts of many men and women presently totally dedicated to their own selves without understanding the great needs of humanity.<ref>{{MMN}}, pp. 258, 260.</ref></blockquote>
</div>  


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<blockquote>जब तक मनुष्य को अपने अंदर की [[Special:MyLanguage/I AM THAT I AM|ईश्वरीय उपस्थिति]] (I AM THAT I AM) के बारे में समझ नहीं आता तब तक यूँ ही अप्रिय कार्य होते रहेंगे - सरकारें गिरती रहेंगी, अर्थव्यवस्थाएँ चरमराती रहेगी, धार्मिक स्थल ध्वस्त होते रहेंगे, चारों और अंधकार छा जाएगा, अकाल पड़ेगा, और जीवात्माएं अपने मार्ग से भटक जाएँगी।<ref>माँ मेरी, “बीहोल्ड द हैंडमेड [शक्ति] Mother Mary, "Behold the Handmaid!” ३१ दिसंबर, १९७७.</ref></blockquote>
<blockquote>Until a correct understanding of the [[I AM THAT I AM]] be made known across the land, governments will fall, economies will crumble, churches will come to ruin, darkness will cover the land, famine will be present, and souls will be lost.<ref>Mother Mary, “Behold the Handmaid [Shakti] of the Lord!” December 31, 1977.</ref></blockquote>
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<blockquote>मेरे अंतर्मन में गतिमान रोशनी है, यह रोशनी उन लोगों के लिए न्याय करेगी जिन्होंने हमेशा ही माँ मेरी (Mother Mary) के चमत्कारों को नकारा है। उन [[Special:MyLanguage/false teachers|भ्रष्ट गुरुओं]] (false teachers) का भी न्याय होगा जिन्होंने अपने मिथ्या ज्ञान से धार्मिक स्थलों पर एकाधिकार किया हुआ है। वे सभी लोग जो गर्भपात [[Special:MyLanguage/abortion|का]] पक्ष लेते हैं, नए आने वाली जीवात्माओं को पृथ्वी पर आने से रोकते हैं उनका भी न्याय होगा, वे दुःख भोगेंगे - उसी प्रकार का दुःख जो मेरे बेटे ने पवित्र धर्मग्रन्थ में लिखा है।<ref>“जो कोई भी मेरे अनुयायियों को परेशान करेगा उसके लिए यह बेहतर होगा कि गले में चक्की का पाट लटका कर समुद्र में डूब जाए।"(मैथ्यू. १८:)</ref> इसे रोका नहीं जाएगा! <ref>माँ मेरी, "द राइट आर्म ऑफ़ द मदर," Mother MAry, "The right arm of Mother" २८ जनवरी १९७९</ref></blockquote>  
<blockquote>Within my Sacred Heart is the acceleration of light this day ... unto the judgment of those who have persistently denied the miracles of the Virgin Mary.... Let there be the judgment of the [[false teachers]] who have stolen into the churches with their false theology.... Everyone who has interfered with the birth of these little ones—everyone who has advocated abortion from the pulpits of the churches, I tell you they will suffer exactly the karma that is written in sacred scripture spoken by my Son,<ref>“But whoso shall offend one of these little ones which believe in me, it were better for him that a millstone were hanged about his neck, and that he were drowned in the depth of the sea” (Matt. 18:6).</ref> and it will not be withheld this day!<ref>Mother Mary, “The Right Arm of the Mother,” January 28, 1979.</ref></blockquote>
</div>  


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<span id="The_immaculate_concept"></span>
== The immaculate concept ==
== निष्कलंक संकल्पना (The immaculate concept) ==
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
माँ मेरी मानव जाति की महान शिक्षिकाओं में से एक हैं। वह हमें [[Special:MyLanguage/immaculate concept|निष्कलंक संकल्पना]] (immaculate concept) के विज्ञान में शिक्षा देती हैं, शुद्ध अवधारणा अर्थात ईश्वर के मन में जीवात्मा की जो शुद्ध छवि है उस निष्कलंक संकल्पना का मतलब है -- जीवन के एक हिस्से द्वारा जीवन के दूसरे हिस्से के लिए रखा गया एक शुद्ध विचार, यह [[Special:MyLanguage/Alchemy|रसायन शास्त्र]] (Alchemy) के प्रत्येक प्रयोग के लिए आवश्यक है, इसके बिना कोई भी परीक्षण सफल नहीं हो सकता। किसी भी स्वरुप की पूर्ण छवि को बनाये रखने की क्षमता, अपने मन में किसी भी कार्य की पूर्णता को देखना, अपने मस्तिष्क में उसका चित्र बनाना, उसे कायम रखना और उसे स्नेह, आनंद एवं रौशनी से भरना - यही सब माँ
Mother Mary is one of the great teachers of mankind. She instructs us in the science of the [[immaculate concept]], the pure concept or image of the soul held in the mind of God. The immaculate concept is any pure thought held by one part of life for and on behalf of another part of life, and it is the essential ingredient to every [[Alchemy|alchemical]] experiment without which it will not succeed. The ability to hold the image of the perfect pattern to be precipitated, to see the vision of a project complete, to draw a mental picture, to retain it and to fill it in with light and love and joy—these are keys to the science that Mother Mary and Saint Germain teach.
मेरी और संत जरमेंन हमें सिखाते हैं।
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
ईश्वर शुद्ध संकल्पना के विज्ञान का सर्वोच्च अभ्यासी है। चाहे मनुष्य अपने असलो व्यक्तित्व से कितना भी दूर चला जाए, ईश्वर हमेशा मनुष्य को उसी रूप में देखता है जिसमें उसने उसे बनाया है। शुद्ध संकल्पना का अभ्यास स्वर्ग के प्रत्येक देवदूत द्वारा किया जाता है। अंतर्मन में प्रत्येक मनुष्य यह बात जानता है,अपने दिल की गहराइयों में वह इस बात से अभिज्ञ है परन्तु बाह्य मस्तिष्क में इसकी स्मृति धुंधली सी है। यह संकल्पना एक परिपूर्ण विचार की कल्पना पर आधारित है जो एक चुंबक बन कर मन की कल्पना को पूरा करने के लिए पवित्र आत्मा की रचनात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करता है।
God is the supreme practitioner of the science of the immaculate concept. No matter how far man might wander from his individuality, God ever beholds man in the image of Reality in which he created him. This science of the immaculate concept is practiced by every angel in heaven. It is that law that is written in the inward parts of man, known by his very heart of hearts, yet dim in the memory of his outer mind. It is based on the visualization of a perfect idea that then becomes a magnet that attracts the creative energies of the Holy Spirit to his being to fulfill the pattern held in mind.
</div>


[[File:ConvallariaMajalis.jpg|thumb|upright|<span lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">Lily of the valley</span>]]
[[File:ConvallariaMajalis.jpg|thumb|upright|घाटी की लिली (Lily of the valley)]]


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<span id="Retreats"></span>
== Retreats ==
== आश्रय स्थल ==
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
{{Main-hi|Raphael and Mother Mary's retreat|राफ़ाएल और मेरी का आश्रय स्थल}}
{{Main|Raphael and Mother Mary's retreat}}
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
{{main-hi|Resurrection Temple|पुनरुत्थान का मंदिर}}
{{main|Resurrection Temple}}
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
महादेवदूत राफ़ाएल और माँ मेरी का मंदिर पुर्तगाल के फातिमा के ऊपर आकाशीय स्तर पर है। माँ मेरी यीशु के साथ पुनरुत्थान के मंदिर (Resurrection Temple) में भी सेवा करती हैं।
The temple of Archangel Raphael and Mother Mary is in the etheric realm over Fátima, Portugal. Mother Mary also serves with Jesus in the Resurrection Temple over the Holy Land.
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मेरी ब्लू रंग मदर मेरी के प्यार को दर्शाता है, यदि नीले रंग में थोड़ा हरा रंग मिला दें तो मेरी ब्लू रंग बनता है। उपचार के प्रति मेरी का समर्पण इसी रंग के माध्यम से उन सब लोगों तक पहुंचता है जो उन्हें सहायता के लिए पुकारते हैं। लिली का फूल और उसकी महक मदर मेरी का प्रतीक है। इनका [[Special:MyLanguage/keynote|मूलराग]] शूबर्ट का “एवे मारिया” है। ("Ave Maria” by Schubert)
Mary blue, the color that we associate with Mother Mary’s love, is almost an aqua—blue tinged with a bit of green—and through it her devotion to healing radiates to all who call to her for assistance. Her fragrance and flame-flower is the lily of the valley, and her [[keynote]] is the “Ave Maria” by Schubert.
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मेरी के विभिन्न अवतारों और पृथ्वी पर उनकी सेवा के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए देखें:  
For more detailed information about Mary’s embodiments and her service to the earth, see:
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== Sources ==
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{{MTR}}, s.v. “मेरी, जीसस की माँ”
{{MTR}}, s.v. “Mary, the Mother of Jesus.”
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{{MMD}}, परिचय।
{{MMD}}, Introduction.
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[[Category:Heavenly beings]]
[[Category:Heavenly beings]]
[[Category:Angels]]
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<references />
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Latest revision as of 18:06, 3 February 2026

मदर मेरी, रुथ हॉकिंस (Mother Mary, by Ruth Hawkins)

मदर मेरी पंचम किरण की दिव्य सहायिका तथा महादेवदूत रफाएल (Archangel Raphael) की समरूप जोड़ी (twin flame) हैं।

शुक्र ग्रह पर इनका कार्य (Service on Venus)

महादेवदूत होने के बावजूद मेरी (Mother Mary) ने भौतिक अवतार लिया था। पृथ्वी पर जन्म लेने से पहले मेरी शुक्र (Venus) ग्रह पर रहतीं थीं। शुक्र ग्रह पर मेरी की नियुक्ति कर्मों के स्वामी (Lords of Karma) ने की थी ताकि हव्वा (Eve) के पतन के बाद उनके द्वारा स्त्री किरण (feminine ray) के उत्थान को दर्शाया जा सके। वहाँ उन्होंने उन साम्राज्यों के बीच सेवा की जिनकी ऊर्जा आकाशीय स्तर (etheric plane) पर केंद्रित है और जिन्होंने हजारों वर्षों से सद्भाव (harmony) और प्रेम (love) के नियमों द्वारा दिव्य माँ की सभ्यता व् संस्कृति को बनाए रखा है।

शुक्र ग्रह पर लंबे समय तक रहने के बाद मेरी (Mother Mary) को धरती पर रहने और मानव जाति द्वारा की गई ब्रह्मांडीय सम्मान की लौ (cosmic honor flame) की विकृति को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया था ताकि वे मनुष्यों में ईश्वर के नियमों का पालन करना सीख जाएँ - ये ईश्वर के वो नियम हैं जो अणुओं की गति तथा आकाशीय पिंडों (heavenly bodies) के लय को बनाये रखते हैं। मेरी अपने साथ लेडी वीनस (Lady Master Venus) के अग्नी तत्त्व (fire element) का एक बड़ा हिस्सा लेकर आयीं थीं, जो उनके प्रेम से परिपूर्ण था, और मेरी पर मानव जाति में स्त्रीत्व को पुनः जागृत करने की ज़िम्मेदारी थी।

पृथ्वी पर जन्म

एटलांटिस (Atlantis)

एटलांटिस (Atlantis) के शुरुआती दिनों में मेरी (Mother Mary) ने उपचार के मंदिर (Healing Temple) में कार्य किया जहां उन्होंने ईश्वर की पवित्र लौ की देखभाल की और चिकित्सा की विभिन्न विधाओं का अध्ययन किया। उन्होंने ईश्वर के मन में स्थित जीवात्मा की शुद्ध संकल्पना (immaculate concept) के प्रति अपने मन को एकाग्र किया और उसके प्रति समर्पण करना भी सीखा। इसकी वजह से न सिर्फ उपचार के मंदिर (Healing Temple) में लौ कायम रही वरन पूरे एटलांटिस में इसका विस्तार भी हुआ। मेरी के हृदय की पवित्र लौ और ईश्वर के प्रति भक्ति उनके चेहरे पर चमकती थी, और उस मंदिर में आने वाले सभी लोग ये स्पष्ट रूप से देख भी सकते थे। इस जन्म में मेरी (Mother Mary) अविवाहित रहीं और उन्होंने अपना पूरा जीवन इस मंदिर की सेवा में अर्पित किया।

राजा डेविड की माँ (Mother of King David)

जब ईश्वरदूत (Prophet) (ईश्वर का सन्देश लोगों तक पहुंचाने वाले)सैमुएल (Samuel) पृथ्वी पर थे तब मेरी (Mother Mary) जेसी (Jesse) नमक व्यक्ति की पत्नी थीं और उसके आठ बेटे थे। मेरी ने अपने हर जन्म में सदैव माँ की लौ (Mother ray) को दर्शाया और इस जन्म में भी उन्होंने अपने पहले सात पुत्रों में आत्मा की सातों किरणों के प्रकाश को बढ़ाया। परन्तु अपने सबसे छोटे पुत्र, डेविड (King David), में उन्होंने न केवल इन सातों किरणों के गुणों का विस्तार किया बल्कि आठवीं किरण (eighth ray) का प्रकाश भी बढ़ाया। इन सभी गुणों को राजा डेविड (King David) ने अपने शासन काल के दौरान दिखाया और अपने भजनों में लिखा भी।

डेविड ने ईसा मसीह (Jesus) के रूप में पुनर्जन्म लिया था -इस प्रकार, भजन संहिता (Psalms) द्वारा इज़राइल वासीयों को आत्म-प्रवीणता प्राप्त करने वाले व्यक्ति की शिक्षाओं का ज्ञान मिला, जबकि जेनटिल्स (Gentiles) (जो यहूदी नहीं हैं), ईसा मसीह द्वारा दिए गए ज्ञान पर चिंतन करते हैं - और सभी उनके (राजा डेविड, जिन्हें इस्राएल और नए जेरुसलम (New Jerusalem) के राजा के रूप में जाना जाता है) द्वारा निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने का प्रयास करते हैं। और इसलिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि आज जेरुसलम शहर के ऊपर स्थित सेनेकल (Cenacle) के ऊपरी कमरे में जहाँ ईसा मसीह और उनके शिष्यों ने अंतिम भोज मनाया था, जहाँ ईसा मसीह अपने पुनरुत्थान के बाद प्रकट हुए थे, और जहाँ पवित्र आत्मा का अवतरण हुआ था - ईसाई प्रार्थना करते हैं। और उसी घर के निचले हिस्से में एक मंदिर है जहाँ यहूदी डेविड की कब्र पर पूजा करते हैं। जो लोग मेरी की पूजा करते हैं, उन्हें इस बात से मतभेद नहीं है की मेरी यहूदियों और ईसाईयों दोनों की माँ हैं।

द वर्जिन ऑफ द रॉक्स, लियोनार्डो दा विंची (१४८३–८६) [The Virgin of the Rocks, Leonardo da Vinci (1483–86)]
द होली फैमिली, राफेल फ्लोरेस (१८५७) [The Holy Family, Rafael Flores (1857)]

ईसा मसीह की माँ (Mother of Jesus)

पृथ्वी पर अपने अंतिम जन्म में मेरी पदक्रम के आदेशानुसार ईसा मसीह (Jesus) के जन्म हेतु आगे आयीं। ईसा मसीह का कार्य रसायन शास्त्र (alchemy) के नियमानुसार मनुष्य को पाप, बीमारी और मृत्यु पर विजय प्राप्त करने का रास्ता दिखाना था। बचपन में ही मेरी को विज्ञान में प्रशिक्षित करने के लिए एक मंदिर में रखा गया था। उनकी समरूप जोड़ी (twin flame), महादेवदूत रेफेयल (Archangel Raphael), ने अन्य देवदूतों और देव और देवी मेरु (God and Goddess Meru) के साथ मिलकर उन्हें मातृ सिद्धांत का विकास करने में सहायता की ताकि उनकी चेतना ईसा मसीह को जन्म देने के लिए तैयार हो पाएं।

बचपन में मेरी ने अपनी चेतना को एटलांटिस (Atlantis) पर अपने पिछले जन्म के समय में प्राप्त किये गए ज्ञान पर केंद्रित किया। मेरी और ईसा मसीह की सुरक्षा के लिए जोसफ (Joseph) (संत जरमेन का एक अवतार) को भेजा गया था। ये तीनो मिलकर एक पवित्र परिवार का निर्माण करते हैं, और त्रिज्योति लौ (threefold flame) भी इन्हीं से बनती है - यह ही पूरे ईसाई धर्म का आधार है।

इस जन्म से हज़ारों साल पहले, मेरी (Mother Mary) ने पाँचवीं किरण का उपयोग किया था। उन्होंने इस बात का भी अध्ययन किया था कि आत्मा का निपुणरूप क्या है और उसे कैसे धारण किया जा सकता है; इसके लिए किस वस्तु की आवश्यकता है - फूल, मंदिर, लौ, कोई कलाकृति या फिर एक पूरी सभ्यता! चाहे कुछ भी हो पर एक ऐसी जीवनधारा अवश्य होनी चाहिए जो इस कार्य के प्रति पूर्णरूप से समर्पित हो, जो इसके विभिन्न अंशों की कल्पना कर पाए और जिसकी चेतना इतनी सशक्त हो कि पवित्र आत्मा की ऊर्जावान शक्ति उस चेतना से प्रवाहित हो इसे रूप और जीवन दे पाए। यह कार्य ईश्वरत्व के मातृत्व की स्त्री किरण के प्रतिनिधि का है। मेंरी ने ईसा मसीह के लिए इस भूमिका को निभाया, और इसलिए उनकी चेतना के माध्यम से ईसा मसीह में पवित्रता, शक्ति और प्रेम का उदय हुआ जिसने वे अपने मिशन को पूरा करने में समर्थ हुए।

ईसा मसीह अपने सेवाकाल के अंतिम तीन वर्षों के समय सुदूर पूर्व (fareast) से लौटने के बाद जहां उन्होंने हिमालय में मैत्रेय बुद्ध के अधीन अध्ययन किया, मैत्रेय बुद्धऔर जब वे वापिस लौटे तो उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। यह समय उनकी माँ मेरी के लिए बहुत चुन्नोती पूर्ण था, और यह कहना गलत नहीं होगा की मेरी द्वारा पांचवीं किरण के आह्वान ने ही मेरी को अंत तक जीत के सांचे को बनाए रखने में सक्षम बनाया।

बाद के वर्ष

चालीस दिन की अवधि के बाद, ईसा मसीह के प्रचारकों (apostles) और पवित्र महिलाओं (holy women) के सामने ऊपरी कमरे (upper room) में प्रकट हुए। मेरी ने उन अनुयायियों को इकट्ठा किया जिन्होंने स्वयं को दीक्षा में निहित रहस्यों में भाग लेने के लिए तैयार किया था। ये शिष्य अक्सर ईसा मसीह के वचनों को सुनने तथा उनके निर्देश प्राप्त करने करने के लिए एकत्रित होते थे। पेंटिकोस्ट (Pentecost) के दिन पवित्र आत्मा के अवतरण द्वारा इन्हें पृथ्वी पर ईश्वर के समतुल्य बनाया गया - इनकी आत्माओं के समर्पण ने ही ईसाई धर्म की नींव रखी।

माँ मेरी (Mother Mary) को प्रकाश वाहकों (lightbearers) के समुदाय का मुखिया माना जाता है। इस समुदाय में धर्मदूत (apostles), शिष्य, पवित्र महिलायें (holy women) सभी आते हैं। मेरी पवित्र भूमि (holy land), भूमध्य सागर (Mediterranean) और एशिया माइनर [Asia Minor (also called Anatolia)(एशिया माइनर पश्चिमी एशिया का एक प्रायद्वीप है, जो आज के तुर्की (Turkey) के अधिकांश भाग को दर्शाता है)] में प्रवाहित होने वाली आत्मिक ऊर्जाओं का वास्तविक स्रोत थीं। मेरी के हृदय से निकलते पवित्र आत्मा की अग्नि के संकेंद्रित छल्ले (concentric rings of fire—the fire of the Holy Ghost) पिता-माता के आलिंगन द्वारा स्नेहपूर्वक पूरी मानवता को संभाले रखते हैं।

ऐसा माना जाता है कि मेरी ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष जेरूसलम में बिताए और लगभग 48 वर्ष में उन्होंने अपने भौतिक शरीर का त्याग किया। स्थानीय परंपरा के अनुसार मेरी को जेरूसलम में होने वाले उत्पीड़न (persecution) से बचाने के लिए जॉन (John, apostle) इफिसुस (Ephesus) नामक शहर ले गए। मेरी की मृत्यु से जुड़ी अलग-अलग परंपराओं को देखने पर हमें प्रमाण सेनेकल (Cenacle) तक ले जाते हैं, वह ऊपरी कमरा (upper room) जहाँ अंतिम भोज (last supper) हुआ था।ref>Acts 1:14.</ref>

कहा जाता है कि प्रारंभिक ईसाई धर्म की माँ मेरी ने पृथ्वी के विकास के लिए माउंट ज़िओन (Mount Zion) में एक घर - जो कि सेड्रॉन वैली (Cedron Valley) और माउंट ऑफ़ ऑलिव्स (Mount of Olives) से दिखता था - माँ की लौ को बनाये रखा था। इस घर में ऊपर के कमरे में (जहाँ शिष्य एकत्रित हुआ करते थे) पहला ईसाई चर्च स्थापित किया गया था, और यहीं से मेरी ने अपने अंतिम वर्षों के समय लोगो की सेवा की थी। इस स्थान को मेरी का शयनस्थान मानकर ईसाई उनकी याद को सहेज कर रखते हैं।

मेरी का शरीर त्याग

डमस्कस के संत जॉन (Saint John of Damascus) के अनुसार सेवा और दीक्षा की शानदार अवतार मेरी अपने अंत समय कब्र (जिसमे शिष्यों ने उनके पार्थिव शरीर को रखा था) से उठान (ascend) कर गयी थीं। तीन दिन बाद जब उनकी कब्र खोली गयी तो वहां लिली के बारह सफ़ेद फूल मिले।

मृत्योपरांत ईसाईयों ने मेरी को स्वर्ग की रानी (Queen of Heaven) की उपाधि से अलंकृत किया और उन्हें विश्व माता (World Mother) का प्रतिनिधि भी कहा। यद्यपि सभी महिला दिव्यगुरु विश्व माता की प्रतिनिधि हैं और उनकी लौ अपने पास रखती हैं, मेरी को हम मातृत्व का आदर्श, और सभी माताओं की माँ मानते हैं।

१९५४ तक ईसा मसीह और माँ मेरी ने छठे युग के लिए पुरुष और स्त्री किरणों को केंद्रित किया। उसके बाद संत जरमेंन और पोरशिया (Portia) ने सातवीं किरण पर आने वाले सातवें युग के निर्देशकों का पदभार संभाला।

मेरी का प्रकटन

मेरी ने १५ अगस्त को भौतिक शरीर छोड़ा था। इसके बाद से वह कई बार दुनिया भर में प्रकट हुई हैं, और कई बार उन्होंने लोगों को चमत्कारिक रूप से स्वस्थ किया है। पृथ्वी पर अपने अंतिम जन्म के बाद के कुछ वर्षों में उन्होंने भविष्य के अपने प्रकटनों के लिए मंच तैयार किया था - उस समय उन्होंने जॉन द बिलवेड (John the Beloved) और पाँच अन्य लोगों के साथ दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया था। वे सबसे पहले मिस्र के लक्सर (Luxor in Egypt) में स्थित अध्यात्मिक उत्थान का मंदिर (Asension Temple) गए। इसके बाद वे जल मार्ग द्वारा भूमध्य सागर के पार क्रेते द्वीप (Island of Crete) पर गए - रास्ते में वे जिब्राल्टर जलडमरूमध्य (Straits of Gibraltar) से होते हुए पुर्तगाल में फ़ातिमा (Fatima in Portugal), दक्षिणी फ्रांस में लूर्डेस (Lourdes in Southern France), ब्रिटिश द्वीप में ग्लैस्टनबरी (Glastonbury in the British Isles) और आयरलैंड (Ireland) में रुके। इन सभी स्थानों पर मेरी और उनके साथियों ने लोगों का ध्यान पाँचवीं किरण की ओर केंद्रित किया और भविष्य में आत्मिक चेतना के विस्तारण का काम करने वालों के लिए नींव तैयार की।

मेरी की इन सभी यात्राओं ने यूनान में धर्मगुरु पॉल (Aspostle Paul) के काम और फ़ातिमा (Fatima) और लूर्डेस (Lourdes) में उनके स्वयं के प्रकट होने की नींव रखी। अंतिम भोजन के समय ईसा मसीह द्वारा प्रयोग किया गया प्याला होली ग्रेल (Holy Grail) ग्लास्टनबरी (Glastonbury) के एक कुएँ में दफना दिया गया था। यहाँ पर आत्मा की लौ (Flame of Eternity) भी लगाई गई थी जिसने बाद में राजा आर्थर (King Arthur) को राउंड टेबल (Round Table) के शूरवीरों का गठन करने और होली ग्रेल (Holy Grail) की खोज के लिए प्रेरित किया।

संत पैट्रिक (Saint Patrick) ने आयरलैंड (Ireland) में स्थापित त्रिज्योति लौ (threefold flame) के केंद्र बिंदु पर ध्यान केंद्रित किया - उन्होंने तिपतिया (shamrock) के माध्यम से जीवात्मा, आत्मा और परमात्मा की एकता तथा त्रिज्योति लौ के आस्तित्व के बारे में भी बताया। जवाहिर (emerald) जैसा हरा रंग उपचारात्मक लौ आज तक आयरलैंड का प्रतीक है, और यह उन सात प्रतिनिधियों द्वारा बहुत पहले की गयी उस यात्रा की भी याद दिलाती है जिनकी सात किरणों के प्रति भक्ति ने उन्हें पूरे यूरोप और अंततः पश्चिमी गोलार्ध में ईसाई धर्म के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करने में सक्षम बनाया।

मैरी के कुछ विशिष्ट प्रकटन

मेरी के विशिष्ट स्वरूपों के बारे में जानकारी के लिए देखें:

गुआडालूप की स्त्री (Our Lady of Guadalupe)

लूर्डेस (Lourdes)

नॉक की स्त्री (Our Lady of Knock)

फातिमा (Fátima)

ज़ैतोन (Zeitoun)

गरेबंडल (Garabandal) (गरेबंडल स्पेन का एक छोटा सा गाँव है)

मेद्जुगोर्ये (Medjugorje) (मेद्जुगोर्ये बोस्निया और हर्ज़ेगोविना में स्थित एक नगर है। यह मुख्य रूप से एक कैथोलिक तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है)

माँ का युग

ग्लोब की कंवारी स्त्री (The Virgin of the Globe)

कुंभ युग (Aquarian age) माँ और पवित्र आत्मा का युग है। इस युग में हमें ईश्वर के मातृ रूप का अनुभव भी करना है और उसे व्यक्त भी। ईश्वर के स्त्री रूप को समझने के बाद ही हम स्वयं में इन दोनों स्वरूपों - स्त्री और पुरुष - की रचनात्मकता - सुंदरता, सृजनात्मकता, अंतर्ज्ञान (intuition), प्रेरणा को उभार सकते हैं।

पूर्वी देशों में ईश्वर को माँ के रूप में देखना कोई नई बात नहीं है। हिंदू लोग माँ का ध्यान कुंडलिनी देवी (Goddess Kundalini) के रूप में करते हैं; वे माँ को एक श्वेत प्रकाश या कुंडली मार के बैठे हुए सर्प के रूप में वर्णित करते हैं - यह सर्प मूलाधार चक्र से ऊपर उठ, प्रत्येक चक्र (आध्यात्मिक केंद्र) को सक्रीय और प्रकाशित करता हुआ सहस्रार चक्र तक जाता है। स्त्री और पुरुष दोनों का ही उद्देश्य अपने अंतरतम अस्तित्व के इस पवित्र प्रकाश को जगाना है जो अन्यथा हमारे भीतर सुप्त अवस्था में रहता है। ईश्वर के मातृ स्वरुप की आराधना ही इस ऊर्जा - कुंडलिनी - को खोलने की कुंजी है।

पश्चिमी सभ्यता में भी मातृत्व के विकास पर ज़ोर दिया है। इसी उद्देश्य से माँ मेरी ने कई संतों को हेल मेरी (Hail Mary) और जपमाला (rosary) के माध्यम से मातृत्व को विकसित करने के लिए दर्शन दिए। संतों को उनके सिर के चारों ओर एक सफ़ेद रोशनी या प्रभामंडल के साथ चित्रित किया गया है क्योंकि उन्होंने कुंडलिनी (Kundalini) की ऊर्जा को ऊपर उठाया है और अपने सहस्रार चक्र को संतुलित किया है। उन्हें परमानन्द की अनुभूति हो चुकी है। महान ईसाई रहस्यवादी, जैसे सेंट जॉन ऑफ़ द क्रॉस, (Saint John of the Cross), सेंट थेरेसा ऑफ़ लिसीक्स (Saint Therese of Lisieux) और पाद्रे पियो (Padre Pio) सभी ने इस परमानन्द की अनुभूयति की है।

ईश्वर का मातृत्व अभिवादन

इस नए युग के लिए माँ मेरी ने एक नए युग का मातृत्व अभिवादन की क्रिया और एक नए युग की मातृत्व अभिवादन की जपमाला जारी की है। माँ मेरी ने कहा है कि मातृत्व अभिवादन की जपमाला करने से हम इस बात का दृढ संकल्प करते हैं कि हम सब ईश्वर के बेटे और बेटियाँ हैं, पापी नहीं। हमें दृढ़तापूर्वक यह भी मानना चाहिए कि हम किसी भी हालत में पाप, बीमारी और मृत्यु पर विजय प्राप्त करेंगे।

हे मातृत्व किरण के प्रकाश की कृपा से परिपूर्ण माँ मेरी, पितृवत ऊर्जा तुला में आप सम्पूर्ण हो, ईश्वर के मातृ रूप में आप धन्य हो और धन्य है आपके गर्भ का फल, ईसा मसीह।

पवित्र,मेरी, ईश्वरीय पुत्र की जननी माँ, हम ईश्वर के पुत्रों और पुत्रियों के लिए प्रार्थना करें, अब और हमारी पाप, बीमारी और मृत्यु पर विजय प्राप्ति के समय।

सदियों से माँ मेरी ने मानवजाति की अनगिनत बार सहायता की है। वह हमें व्रत, उपवास करने, प्रार्थना करने और जपमाला करने का आग्रह करती है। माँ मेरी कहती हैं:

मैं आपको जपमाला के द्वारा अपने कारण शरीर तक, उन चौदह अवस्थाओं तक पहुँचने के अवसर प्रदान करती हूँ जिन्हें मैंने लंबे समय तक आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर के अर्जित किया है। मैं आपको वह सब शक्ति और उपलब्धि प्राप्त करने का अवसर देती हूँ जो ईश्वर ने मुझे प्रदान की हैं। और चूँकि मैं ईश्वर की सेविका हूँ, मैं आपको अपनी यह शक्ति देती हूँ ताकि यह आपके भौतिक शरीर और हृदय के माध्यम से आपकी भौतिक दुनिया और भौतिक समस्या के करीब आ सके (और उस समस्या का निदान कर पाए)।[1]

वर्तमान समय में माँ मेरी द्वारा प्रदान सेवा

आजकल माँ मेरी मास्टर एल मोरया (El Morya) और दार्जिलिंग काउंसिल (Darjeeling Council) के साथ मिलकर मानवजाति के हित की लिए वो सब काम करती हैं जो ईश्वर की इच्छा के अनुरूप होते हैं। उनके पास नीले रंग का एक लबादा (cape) है जो हर जीवात्मा के भीतर उभरने वाली आत्मिक चेतना की रक्षा करता है, और जब भी कोई व्यक्ति माँ को पुकारता है तो माँ मेरी उस लबादे से उसे ढक कर माँ की सुरक्षा देती हैं। महादेवदूत गेब्रियल (Archangel Gabriel) के साथ मिलकर वे पृथ्वी पर जन्म लेने वाले बच्चों के लिए रास्ता तैयार करती हैं, वह होनेवाले माता-पिता को शिक्षा देती हैं और शरीर के मौलिक देव (Body Elemental) को जीवात्माओं का भौतिक शरीर बनाने में मार्गदर्शन भी करती हैं।

पुनरुथान मंदिर (Resurrection Temple) का पवित्र हृदय माँ मेरी का केंद्र है और यह त्रिज्योति लौ का केंद्र भी है। संत जरमेंन और ईसा मसीह के साथ मिल कर माँ मेरी ने आने वाले दो हज़ार साल के लिए ईसाई विश्वास और आने वाले युग की नींव रखी।

माँ मेरी कहती हैं, "सदियों से मैंने मनुष्यों को जीवात्माओं की रक्षा करने हेतु ईश्वर की प्रार्थना करने और माला का जाप करने का अनुरोध किया है। लाखों लोगों ने मेरा कहा माना है और स्वयं को सुरक्षित किया।"[2] जब मेरी ने फ़ातिमा, मेद्जुगोर्ये (Fatima, Medjugorje) और दुनिया के अन्य स्थानों पर लोगों को दर्शन दिए तो उन्होंने लोगों को यह चेतावनी भी दी कि उनकी बातों को नज़रअंदाज़ करने का फल अच्छा नहीं होगा।

१९८४ में माँ मेरी (Mother Mary) ने कहा था:

मैंने फातिमा की भविष्य वाणी में विजय प्राप्त की है। मैं उस संदेश में विजयी हूँ। और मैं प्रत्येक घर और प्रत्येक दिल का दरवाज़ा खटखटाती हूँ, लोगों से पूछती हूँ कि क्या वे मेरे साथ प्रार्थना करने के लिए आगे आएंगे - क्या वे वायलेट लौ के दिव्य आदेश करेंगे, माला जपेंगे या फिर महादेवदूत माइकल (Archangel Michael) का आह्वान करेंगे। प्रार्थना करने से ही द्वार खुलते हैं और देवदूत आकर आपदा (disaster) और विपत्ति को रोकने के लिए काम करते हैं।[3]

देवदूतों की मध्यस्थता से अनेकों बार चमत्कार हुए हैं। जब १९४५ में हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया गया था, तो परमाणु विस्फोट के केंद्र से आठ ब्लॉक दूर रहने वाले आठ लोग चमत्कारिक रूप से अछूते रहे थे। उनमें से एक, फादर ह्यूबर्ट शिफनर (Father Hubert Shiffner), एस.जे. (S.J.) ने बताया, "उस घर में हर दिन माला का जाप किया जाता था। उस घर में, हम फातिमा के संदेश को जी रहे थे।"[4]

माँ मेरी धन्य हैं, ये अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए और समाज की बुराइयों के खिलाफ बोलने के लिए सदा तत्पर रहती हैं।

सिनेमा के आविष्कार के बाद से यह धरती अंधेरे से घिरी हुई ह। मेरे बेटे के नाम का सम्मान करने के लिए बनाए गए चर्चों में भी अँधेरा छाया हुआ है। राजनीतिज्ञ अपने लौकिक ताज की तलाश में व्यस्त हैं। सृष्टि देवों (elemental) ने हाल ही में एक दूसरे के साथ मुलाक़ात की है, और वे विश्व के प्रलयात्मक विनाश का प्रारम्भ शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं जो दुनिया में अभी शुरू ही हुई हैं। और यह विनाश तब तक चलता रहेगा जब तक कि स्वार्थी मनुष्यों का ह्रदय ईश्वर की ओर नहीं झुक जाता - ये स्वार्थी लोग मानवजाति की आवश्यकताओं को समझ नहीं पा रहें हैं।[5]

जब तक मनुष्य को अपने अंदर की ईश्वरीय उपस्थिति (I AM THAT I AM) के बारे में समझ नहीं आता तब तक यूँ ही अप्रिय कार्य होते रहेंगे - सरकारें गिरती रहेंगी, अर्थव्यवस्थाएँ चरमराती रहेगी, धार्मिक स्थल ध्वस्त होते रहेंगे, चारों और अंधकार छा जाएगा, अकाल पड़ेगा, और जीवात्माएं अपने मार्ग से भटक जाएँगी।[6]

मेरे अंतर्मन में गतिमान रोशनी है, यह रोशनी उन लोगों के लिए न्याय करेगी जिन्होंने हमेशा ही माँ मेरी (Mother Mary) के चमत्कारों को नकारा है। उन भ्रष्ट गुरुओं (false teachers) का भी न्याय होगा जिन्होंने अपने मिथ्या ज्ञान से धार्मिक स्थलों पर एकाधिकार किया हुआ है। वे सभी लोग जो गर्भपात का पक्ष लेते हैं, नए आने वाली जीवात्माओं को पृथ्वी पर आने से रोकते हैं उनका भी न्याय होगा, वे दुःख भोगेंगे - उसी प्रकार का दुःख जो मेरे बेटे ने पवित्र धर्मग्रन्थ में लिखा है।[7] इसे रोका नहीं जाएगा! [8]

निष्कलंक संकल्पना (The immaculate concept)

माँ मेरी मानव जाति की महान शिक्षिकाओं में से एक हैं। वह हमें निष्कलंक संकल्पना (immaculate concept) के विज्ञान में शिक्षा देती हैं, शुद्ध अवधारणा अर्थात ईश्वर के मन में जीवात्मा की जो शुद्ध छवि है उस निष्कलंक संकल्पना का मतलब है -- जीवन के एक हिस्से द्वारा जीवन के दूसरे हिस्से के लिए रखा गया एक शुद्ध विचार, यह रसायन शास्त्र (Alchemy) के प्रत्येक प्रयोग के लिए आवश्यक है, इसके बिना कोई भी परीक्षण सफल नहीं हो सकता। किसी भी स्वरुप की पूर्ण छवि को बनाये रखने की क्षमता, अपने मन में किसी भी कार्य की पूर्णता को देखना, अपने मस्तिष्क में उसका चित्र बनाना, उसे कायम रखना और उसे स्नेह, आनंद एवं रौशनी से भरना - यही सब माँ मेरी और संत जरमेंन हमें सिखाते हैं।

ईश्वर शुद्ध संकल्पना के विज्ञान का सर्वोच्च अभ्यासी है। चाहे मनुष्य अपने असलो व्यक्तित्व से कितना भी दूर चला जाए, ईश्वर हमेशा मनुष्य को उसी रूप में देखता है जिसमें उसने उसे बनाया है। शुद्ध संकल्पना का अभ्यास स्वर्ग के प्रत्येक देवदूत द्वारा किया जाता है। अंतर्मन में प्रत्येक मनुष्य यह बात जानता है,अपने दिल की गहराइयों में वह इस बात से अभिज्ञ है परन्तु बाह्य मस्तिष्क में इसकी स्मृति धुंधली सी है। यह संकल्पना एक परिपूर्ण विचार की कल्पना पर आधारित है जो एक चुंबक बन कर मन की कल्पना को पूरा करने के लिए पवित्र आत्मा की रचनात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करता है।

घाटी की लिली (Lily of the valley)

आश्रय स्थल

मुख्य लेख: राफ़ाएल और मेरी का आश्रय स्थल

मुख्य लेख: पुनरुत्थान का मंदिर

महादेवदूत राफ़ाएल और माँ मेरी का मंदिर पुर्तगाल के फातिमा के ऊपर आकाशीय स्तर पर है। माँ मेरी यीशु के साथ पुनरुत्थान के मंदिर (Resurrection Temple) में भी सेवा करती हैं।

मेरी ब्लू रंग मदर मेरी के प्यार को दर्शाता है, यदि नीले रंग में थोड़ा हरा रंग मिला दें तो मेरी ब्लू रंग बनता है। उपचार के प्रति मेरी का समर्पण इसी रंग के माध्यम से उन सब लोगों तक पहुंचता है जो उन्हें सहायता के लिए पुकारते हैं। लिली का फूल और उसकी महक मदर मेरी का प्रतीक है। इनका मूलराग शूबर्ट का “एवे मारिया” है। ("Ave Maria” by Schubert)

अधिक जानकारी के लिए

Elizabeth Clare Prophet, Talk with Angels: How to Work with Angels of Light for Guidance, Comfort and Healing.

मेरी के विभिन्न अवतारों और पृथ्वी पर उनकी सेवा के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए देखें:

Elizabeth Clare Prophet, Mary’s Message for a New Day

Elizabeth Clare Prophet, Mary’s Message of Divine Love

स्रोत

Mark L. Prophet and Elizabeth Clare Prophet, The Masters and Their Retreats, s.v. “मेरी, जीसस की माँ”

Elizabeth Clare Prophet, Mary’s Message of Divine Love, परिचय।

  1. मदर मेरी, "टू प्रिक द कांशसनेस ऑफ़ द नेशंस," Pearls of Wisdom, vol. २७, no. ४८, ३० सितंबर, १९८४.
  2. मदर मेरी २४ फरवरी, १९८०.
  3. मदर मैरी, "द कंटीन्यूटी ऑफ़ बीइंग,"(Mother Mary) "The Continuity of Being" Pearls of Wisdom, vol. २७, no. ६३, ३० दिसंबर, १९८४.
  4. फ्रांसिस जॉनस्टन, फातिमा: द ग्रेट साइन (Francis Johnston, Fatima: The Great Sign) (Washington, N.J.: AMI Press, 1980), (वाशिंगटन, एन.जे.: एएमआई प्रेस, १९८०), पृष्ठ १३९.
  5. Elizabeth Clare Prophet, Mary’s Message for a New Day, पृष्ठ २५८, २६०.
  6. माँ मेरी, “बीहोल्ड द हैंडमेड [शक्ति] Mother Mary, "Behold the Handmaid!” ३१ दिसंबर, १९७७.
  7. “जो कोई भी मेरे अनुयायियों को परेशान करेगा उसके लिए यह बेहतर होगा कि गले में चक्की का पाट लटका कर समुद्र में डूब जाए।"(मैथ्यू. १८:६)
  8. माँ मेरी, "द राइट आर्म ऑफ़ द मदर," Mother MAry, "The right arm of Mother" २८ जनवरी १९७९