रहस्यवादी विद्यालय
जब पुरुष और स्त्री ने स्वेच्छा (free will) के गलत उपयोग से पवित्र अग्नि (sacred fire) का दुरुपयोग किया तब उन्हें प्रभु मैत्रेय (Lord Maitreya) ने गार्डन ऑफ ईडन (Garden of Eden) से रहस्यवादी विद्यालय से निष्कासित कर दिया। इसके बाद से श्वेत महासंघ (Great White Brotherhood) ने रहस्यवादी विद्यालय (mystery schools) और आश्रय स्थल (retreats) बनाये रखे हैं। ये स्थान पवित्र अग्नि के ज्ञान कोष हैं और इन्हें समरूप जोड़ियों (twin flames) को तब प्रदान किया जाता है जब वे जीवन के वृक्ष (Tree of Life) को बनाये रखने के लिए निर्धारित अनुशासन दिखाते हैं।
मनुष्य का पतन (The Fall) और उसका हठीली चेतना के निचले स्तरों में उतरने के बाद (the willful descent into lower planes of consciousness), श्वेत महासंघ (the Great White Brotherhood) ने लेमुरिया (Lemuria) और एटलांटिस (Atlantis) पर रहस्यवादी विद्यालय खोले जहाँ उन सभी लोगों को उच्च आध्यात्मिक ज्ञान सिखाया जाता था जो सिद्ध पुरुष (adept) के अनुशासन को बनाए रखने के लिए तैयार थे। बुद्ध का संघ (Sangha), कुमरान (Qumran) में एस्सीन समुदाय (Essene community) (एस्सीन समुदाय एक प्राचीन यहूदी धार्मिक समुदाय था), और क्रोटोना (Crotona) में पाइथागोरस (Pythagoras) का विद्यालय इस रहस्यवादी विद्यालयों के अंतर्गत आते हैं। ऐसे अन्य विद्यालय हिमालय, सुदूर पूर्व (Far east), मिस्र, यूरोप और दक्षिण अमेरिका में भी खोले गए थे।3
मध्यकालीन यूरोप में, संघ रहस्यवादी विद्यालयों का कार्य करते थे। उनके द्वारा बनाये गए गिरजाघरों की वास्तुकला और बनावट जीवात्मा के आंतरिक नियमों के रहस्यों को दर्शाती है, जो उस समय के मनुष्य की समझ से कहीं परे था। कारीगरों ने इनकी संरचना ईश्वर की गूढ़ ज्यामिति(inner geometry of divinity) के अनुसार की थी जिसके कारण इनके अंदर प्रवेश करने वाले की चेतना में स्वतः वृद्धि हो जाती थी। इन रहस्यवादी विद्यालयों की शिक्षाओं में सोलोमन (Solomon) के मंदिर और ग्रेट पिरामिड (Great Pyramid) के कई गुप्त तत्वों का सबूत मिलता है। किंग आर्थर (King Arthur) और उनके राउंड टेबल (Round Table) के शूरवीरों के क्रियाकलाप भी महासंघ के एक रहस्यवादी विद्यालय की रिपोर्ट से लिए गए हैं।
एक-एक करके, ये रहस्यवादी विद्यालय या तो नष्ट हो गए या विघटित (disbanded) और जहाँ जहां ऐसा हुआ, वहां उन्हें शुरू करवाने वाले दिव्यगुरुओं ने अपनी लौ (sponsorship) तथा इन पवित्र तीर्थस्थलों को आकाशीय स्तर (etheric plane) पर स्थित अपने आश्रयों स्थलों में वापस ले लिया। इन आकाशीय आश्रय स्थलों में दिव्यगुरूओं के शिष्य शिक्षा पाते हैं - प्रशिक्षण या तो दो जन्मों के बीच के समय में दिया जाता है या फिर और उनके सूक्ष्म शरीरों (finer bodies) को (नींद या समाधि के दौरान) वहाँ ले जाकर। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि शिष्य उस दिव्य आत्म-ज्ञान को प्राप्त कर सकें जो इस सदी में संत जरमेन के आने से पहले भौतिक स्तर पर उपलब्ध नहीं था।
१९८४ में, मैत्रेय बुध ने दक्षिण-पश्चिम मोंटाना (Montana) में रॉयल टीटाॅन रेंच (Royal Teton Ranch) में अपने रहस्यवादी विद्यालय की पुनः स्थापना की थी।
रहस्यवादी विद्यालय जिनके बारे में ज्ञात है
क्रोटोना में पैथागोरस के विद्यालय
गौतम बुध का संघ
कुमरान का एस्सेन समुदाय
इसे भी देखिये
स्रोत
एलिज़ाबेथ क्लेयर प्रोफेट, ३१ दिसम्बर १९७६
Mark L. Prophet and Elizabeth Clare Prophet, Saint Germain On Alchemy: Formulas for Self-Transformation