User contributions for PoonamChugh

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25 July 2026

  • 12:0712:07, 25 July 2026 diff hist +1,079 Original sin/hiCreated page with ""हे प्रियजनों, तुमने 'मूल पाप' (Original Sin) के सिद्धांत के बारे में सुना है। मैं कर्मिक बोर्ड (Karmic Board) की प्रवक्ता हूँ, और मैं तुमसे कहती हूँ, हे प्रियजनों, कि 'मूल पाप' जैसी कोई वस्तु नहीं है। क्यो..."
  • 12:0712:07, 25 July 2026 diff hist +1,685 N Translations:Original sin/58/hiCreated page with ""हे प्रियजनों, तुमने 'मूल पाप' (Original Sin) के सिद्धांत के बारे में सुना है। मैं कर्मिक बोर्ड (Karmic Board) की प्रवक्ता हूँ, और मैं तुमसे कहती हूँ, हे प्रियजनों, कि 'मूल पाप' जैसी कोई वस्तु नहीं है। क्यो..." current
  • 12:0512:05, 25 July 2026 diff hist +238 Original sin/hiCreated page with ""बहुत समय पहले, स्वतंत्रता की देवी ने यह दिव्य घोषणा की कि 'मूल पाप' की कोई परम वास्तविकता नहीं है, क्योंकि उसकी उत्पत्ति परमेश्वर से नहीं हुई है।""
  • 12:0512:05, 25 July 2026 diff hist +375 N Translations:Original sin/57/hiCreated page with ""बहुत समय पहले, स्वतंत्रता की देवी ने यह दिव्य घोषणा की कि 'मूल पाप' की कोई परम वास्तविकता नहीं है, क्योंकि उसकी उत्पत्ति परमेश्वर से नहीं हुई है।"" current
  • 12:0412:04, 25 July 2026 diff hist +80 Original sin/hiCreated page with "== मूल पाप की अवास्तविकता =="
  • 12:0412:04, 25 July 2026 diff hist +66 N Translations:Original sin/56/hiCreated page with "== मूल पाप की अवास्तविकता ==" current
  • 12:0312:03, 25 July 2026 diff hist +823 Original sin/hiCreated page with ""परमेश्वर ने हमें बुलाया है कि हम पतित स्वर्गदूतों के पापमय जीवन का त्याग करें और स्वयं को सदा के लिए पापी मानने की भावना को पीछे छोड़ दें। यह यीशु मसीह के अनुग्रह (Grace) के द्वारा संभव हो..." Tags: Mobile edit Mobile web edit
  • 12:0312:03, 25 July 2026 diff hist +1,201 N Translations:Original sin/55/hiCreated page with ""परमेश्वर ने हमें बुलाया है कि हम पतित स्वर्गदूतों के पापमय जीवन का त्याग करें और स्वयं को सदा के लिए पापी मानने की भावना को पीछे छोड़ दें। यह यीशु मसीह के अनुग्रह (Grace) के द्वारा संभव हो..." current
  • 12:0312:03, 25 July 2026 diff hist +1,320 Original sin/hiCreated page with ""पतित स्वर्गदूतों (Fallen Angels) ने परमेश्वर की संतानों से यह वास्तविक समझ छिपाए रखी कि परमेश्वर ने प्रत्येक को अपने दिव्य स्वरूप (Divine Image) से विभूषित किया है। इसके बजाय उन्होंने उन्हें यह सिखा..."
  • 12:0312:03, 25 July 2026 diff hist +1,914 N Translations:Original sin/54/hiCreated page with ""पतित स्वर्गदूतों (Fallen Angels) ने परमेश्वर की संतानों से यह वास्तविक समझ छिपाए रखी कि परमेश्वर ने प्रत्येक को अपने दिव्य स्वरूप (Divine Image) से विभूषित किया है। इसके बजाय उन्होंने उन्हें यह सिखा..." current
  • 11:5911:59, 25 July 2026 diff hist +1,239 Original sin/hiCreated page with ""लूसिफ़ेरवादियों (Luciferians) ने यह झूठा सिद्धांत फैलाया कि यौन-संबंध (Sex) ही मूल पाप (Original Sin) है, ताकि मानवजाति का दिव्य प्रकाश पाप-बोध (Sin Consciousness) के आवरण में ढका रहे। उनका उद्देश्य यह था कि मनुष्य क..."
  • 11:5911:59, 25 July 2026 diff hist +1,844 N Translations:Original sin/53/hiCreated page with ""लूसिफ़ेरवादियों (Luciferians) ने यह झूठा सिद्धांत फैलाया कि यौन-संबंध (Sex) ही मूल पाप (Original Sin) है, ताकि मानवजाति का दिव्य प्रकाश पाप-बोध (Sin Consciousness) के आवरण में ढका रहे। उनका उद्देश्य यह था कि मनुष्य क..." current
  • 11:5811:58, 25 July 2026 diff hist +593 Original sin/hiCreated page with ""आरोहित गुरुओं (Ascended Masters) की शिक्षा के अनुसार, पतित स्वर्गदूत (Fallen Angels) ही वास्तविक मूल पापी (Original Sinners) हैं। उन्होंने दिव्य माता (Divine Mother) और दिव्य बालक (Divine Manchild) का विरोध करके परमेश्वर के विरुद्ध मू..."
  • 11:5811:58, 25 July 2026 diff hist +958 N Translations:Original sin/52/hiCreated page with ""आरोहित गुरुओं (Ascended Masters) की शिक्षा के अनुसार, पतित स्वर्गदूत (Fallen Angels) ही वास्तविक मूल पापी (Original Sinners) हैं। उन्होंने दिव्य माता (Divine Mother) और दिव्य बालक (Divine Manchild) का विरोध करके परमेश्वर के विरुद्ध मू..." current
  • 11:5711:57, 25 July 2026 diff hist +84 Original sin/hiCreated page with "== मूल पाप का वास्तविक अर्थ =="
  • 11:5711:57, 25 July 2026 diff hist +70 N Translations:Original sin/51/hiCreated page with "== मूल पाप का वास्तविक अर्थ ==" current
  • 11:5611:56, 25 July 2026 diff hist +820 Original sin/hiCreated page with ""यदि यह सत्य होता कि यीशु केवल इसलिए पवित्र थे क्योंकि उनकी माता मरियम ने उनके पिता के साथ यौन-संबंध नहीं बनाया था, तो फिर हम कभी भी पवित्र नहीं हो सकते। यीशु के कुँवारी जन्म (Virgin Birth) की गल..."
  • 11:5611:56, 25 July 2026 diff hist +1,209 N Translations:Original sin/50/hiCreated page with ""यदि यह सत्य होता कि यीशु केवल इसलिए पवित्र थे क्योंकि उनकी माता मरियम ने उनके पिता के साथ यौन-संबंध नहीं बनाया था, तो फिर हम कभी भी पवित्र नहीं हो सकते। यीशु के कुँवारी जन्म (Virgin Birth) की गल..." current
  • 11:5611:56, 25 July 2026 diff hist +566 Original sin/hiCreated page with ""ऊर्जा की इस सर्पिल धारा (Spiral of Energy) के ऊपर, जिसे मसीह के शरीर (Body—पदार्थ/भौतिक स्वरूप) और रक्त (Blood—आत्मा/दिव्य आत्मिक शक्ति) द्वारा पवित्र और शुद्ध किया गया था—उस मसीह के, जिन्होंने कहा था, '..." Tags: Mobile edit Mobile web edit
  • 11:5611:56, 25 July 2026 diff hist +785 N Translations:Original sin/49/hiCreated page with ""ऊर्जा की इस सर्पिल धारा (Spiral of Energy) के ऊपर, जिसे मसीह के शरीर (Body—पदार्थ/भौतिक स्वरूप) और रक्त (Blood—आत्मा/दिव्य आत्मिक शक्ति) द्वारा पवित्र और शुद्ध किया गया था—उस मसीह के, जिन्होंने कहा था, '..." current
  • 11:5511:55, 25 July 2026 diff hist +815 Original sin/hiCreated page with ""जब माता का वह प्रकाश (Light of the Mother) ऊपर उठता है, तब वह क्रमशः प्रत्येक चक्र में त्रिमूर्ति (Trinity) के प्रकाश को पुनः स्थापित करता है। वह हृदय में स्थित संतुलित त्रिविध ज्योति (Threefold Flame) का पुनर्जा..."
  • 11:5511:55, 25 July 2026 diff hist +1,155 N Translations:Original sin/48/hiCreated page with ""जब माता का वह प्रकाश (Light of the Mother) ऊपर उठता है, तब वह क्रमशः प्रत्येक चक्र में त्रिमूर्ति (Trinity) के प्रकाश को पुनः स्थापित करता है। वह हृदय में स्थित संतुलित त्रिविध ज्योति (Threefold Flame) का पुनर्जा..." current
  • 11:5411:54, 25 July 2026 diff hist +715 Original sin/hiCreated page with ""चूँकि स्वयं यौन-संबंध (सेक्स) मूल पाप (Original Sin) नहीं है, इसलिए यीशु का कुँवारी जन्म (Virgin Birth) यौन-संबंध हुआ हो या न हुआ हो, दोनों ही स्थितियों में कुँवारी जन्म ही बना रहता है। मरियम (Mary) की 'कुँवा..."
  • 11:5411:54, 25 July 2026 diff hist +1,001 N Translations:Original sin/47/hiCreated page with ""चूँकि स्वयं यौन-संबंध (सेक्स) मूल पाप (Original Sin) नहीं है, इसलिए यीशु का कुँवारी जन्म (Virgin Birth) यौन-संबंध हुआ हो या न हुआ हो, दोनों ही स्थितियों में कुँवारी जन्म ही बना रहता है। मरियम (Mary) की 'कुँवा..." current

13 June 2026

  • 10:3510:35, 13 June 2026 diff hist +63 Original sin/hiCreated page with "{{main|कुंवारी के द्वारा जन्म}} (Virgin birth)"
  • 10:3510:35, 13 June 2026 diff hist +84 N Translations:Original sin/46/hiCreated page with "{{main|कुंवारी के द्वारा जन्म}} (Virgin birth)" current
  • 10:3410:34, 13 June 2026 diff hist +157 Original sin/hiCreated page with "== यह जन्म पवित्र आत्मा (Holy Spirit) के द्वारा हुआ माना जाता है =="
  • 10:3410:34, 13 June 2026 diff hist +143 N Translations:Original sin/45/hiCreated page with "== यह जन्म पवित्र आत्मा (Holy Spirit) के द्वारा हुआ माना जाता है ==" current
  • 10:3310:33, 13 June 2026 diff hist +1,368 Original sin/hiCreated page with "परमेश्वर का यह प्रिय पुत्र (यीशु) मरियम की आत्मा और परमेश्वर की आत्मा के पवित्र मिलन से उत्पन्न हुआ, जिसमें पवित्र आत्मा (Holy Spirit) के सर्वोच्च दीक्षित (initiate) संत जर्मेन (Saint Germain) — जो यूसुफ (Joseph)..."
  • 10:3310:33, 13 June 2026 diff hist +2,015 N Translations:Original sin/44/hiCreated page with "परमेश्वर का यह प्रिय पुत्र (यीशु) मरियम की आत्मा और परमेश्वर की आत्मा के पवित्र मिलन से उत्पन्न हुआ, जिसमें पवित्र आत्मा (Holy Spirit) के सर्वोच्च दीक्षित (initiate) संत जर्मेन (Saint Germain) — जो यूसुफ (Joseph)..." current
  • 10:3210:32, 13 June 2026 diff hist +909 Original sin/hiCreated page with "इस प्रकार के मिलन (union) में कोई पाप नहीं है। यह “दैवीय पुनर्मिलन” (divine reunion) का पुनः-अभिनय है, जिसे आत्मा और आत्म-चेतना के बीच होने वाला “अल्केमिक विवाह” (alchemical marriage) कहा जाता है। “असेंशन” (ascension)..."
  • 10:3210:32, 13 June 2026 diff hist +1,445 N Translations:Original sin/43/hiCreated page with "इस प्रकार के मिलन (union) में कोई पाप नहीं है। यह “दैवीय पुनर्मिलन” (divine reunion) का पुनः-अभिनय है, जिसे आत्मा और आत्म-चेतना के बीच होने वाला “अल्केमिक विवाह” (alchemical marriage) कहा जाता है। “असेंशन” (ascension)..." current
  • 10:3110:31, 13 June 2026 diff hist +672 Original sin/hiCreated page with "जब सात चक्रों (seven chakras) की सात दीक्षाएँ (initiations) पार कर ली जाती हैं और तैंतीस चरण (thirty-three steps) पूरे कर लिए जाते हैं, तब पुरुष और स्त्री भीतर स्थित “एक” की पूर्णता (wholeness of the One) में लौट आते हैं। जब दोनों..." Tags: Mobile edit Mobile web edit
  • 10:3110:31, 13 June 2026 diff hist +1,070 N Translations:Original sin/42/hiCreated page with "जब सात चक्रों (seven chakras) की सात दीक्षाएँ (initiations) पार कर ली जाती हैं और तैंतीस चरण (thirty-three steps) पूरे कर लिए जाते हैं, तब पुरुष और स्त्री भीतर स्थित “एक” की पूर्णता (wholeness of the One) में लौट आते हैं। जब दोनों..." current
  • 10:3010:30, 13 June 2026 diff hist +63 Original sin/hiCreated page with "== दैवीय पुनर्मिलन ==" Tags: Mobile edit Mobile web edit
  • 10:3010:30, 13 June 2026 diff hist +49 N Translations:Original sin/41/hiCreated page with "== दैवीय पुनर्मिलन ==" current
  • 10:2910:29, 13 June 2026 diff hist +990 Original sin/hiCreated page with "चर्च के सात संस्कार (seven sacraments) ऐसे माध्यम हैं जिनके द्वारा पुरुष और स्त्री “सात किरणों” (seven rays) के दुरुपयोग का प्रायश्चित (atonement) कर सकते हैं। उद्धार प्राप्त पुरुष और स्त्री में, यौन संबंध (sex..."
  • 10:2910:29, 13 June 2026 diff hist +1,421 N Translations:Original sin/40/hiCreated page with "चर्च के सात संस्कार (seven sacraments) ऐसे माध्यम हैं जिनके द्वारा पुरुष और स्त्री “सात किरणों” (seven rays) के दुरुपयोग का प्रायश्चित (atonement) कर सकते हैं। उद्धार प्राप्त पुरुष और स्त्री में, यौन संबंध (sex..." current
  • 10:2910:29, 13 June 2026 diff hist +829 Original sin/hiCreated page with "इसलिए, आज पृथ्वी पर जिस प्रकार यौन संबंध (sex) का अभ्यास किया जाता है, वह मूल पाप (Original Sin) का कारण नहीं बल्कि उसका परिणाम (effect) है। सेक्स स्वयं में पाप नहीं है। लेकिन मनुष्यों ने यौन क्षेत्र म..."
  • 10:2910:29, 13 June 2026 diff hist +1,315 N Translations:Original sin/39/hiCreated page with "इसलिए, आज पृथ्वी पर जिस प्रकार यौन संबंध (sex) का अभ्यास किया जाता है, वह मूल पाप (Original Sin) का कारण नहीं बल्कि उसका परिणाम (effect) है। सेक्स स्वयं में पाप नहीं है। लेकिन मनुष्यों ने यौन क्षेत्र म..." current
  • 10:2810:28, 13 June 2026 diff hist +955 Original sin/hiCreated page with "उत्पत्ति (Genesis) 4:1 में पहली बार हम पढ़ते हैं कि आदम ने अपनी पत्नी को “जान लिया” (knew his wife)। लेखक के अनुसार, यौन संबंध (sexual intercourse) मूल पाप (original sin) नहीं है। मूल पाप वास्तव में “क्राइस्ट चेतना” (Christ consciousne..."
  • 10:2810:28, 13 June 2026 diff hist +1,411 N Translations:Original sin/38/hiCreated page with "उत्पत्ति (Genesis) 4:1 में पहली बार हम पढ़ते हैं कि आदम ने अपनी पत्नी को “जान लिया” (knew his wife)। लेखक के अनुसार, यौन संबंध (sexual intercourse) मूल पाप (original sin) नहीं है। मूल पाप वास्तव में “क्राइस्ट चेतना” (Christ consciousne..." current
  • 10:2710:27, 13 June 2026 diff hist +488 Original sin/hiCreated page with "आत्मा की अदन (Eden) की उभयलिंगी (androgynous) चेतना के लिए तड़प भौतिक जगत (Matter) में इच्छा (desire) को उत्पन्न करती है। परमेश्वर के लिए और परमेश्वर के साथ पिता या माता के रूप में पुनर्मिलन (reunion) की इच्छा एक..."
  • 10:2710:27, 13 June 2026 diff hist +779 N Translations:Original sin/37/hiCreated page with "आत्मा की अदन (Eden) की उभयलिंगी (androgynous) चेतना के लिए तड़प भौतिक जगत (Matter) में इच्छा (desire) को उत्पन्न करती है। परमेश्वर के लिए और परमेश्वर के साथ पिता या माता के रूप में पुनर्मिलन (reunion) की इच्छा एक..." current
  • 10:2710:27, 13 June 2026 diff hist +990 Original sin/hiCreated page with "जब तक पुरुष और स्त्री, पुत्र और पुत्री, अपने हृदय में संतुलित त्रिगुण ज्योति (balanced threefold flame) को अपनी ईश्वरीय पहचान (God-identity) के आत्मिक क्षेत्र (Spirit sphere) के केंद्र के रूप में धारण नहीं करते, तब तक व..."
  • 10:2710:27, 13 June 2026 diff hist +1,479 N Translations:Original sin/36/hiCreated page with "जब तक पुरुष और स्त्री, पुत्र और पुत्री, अपने हृदय में संतुलित त्रिगुण ज्योति (balanced threefold flame) को अपनी ईश्वरीय पहचान (God-identity) के आत्मिक क्षेत्र (Spirit sphere) के केंद्र के रूप में धारण नहीं करते, तब तक व..." current
  • 10:2610:26, 13 June 2026 diff hist +58 Original sin/hiCreated page with "== पूर्णता की खोज =="
  • 10:2610:26, 13 June 2026 diff hist +44 N Translations:Original sin/35/hiCreated page with "== पूर्णता की खोज ==" current
  • 10:2510:25, 13 June 2026 diff hist +869 Original sin/hiCreated page with "ईश्वर की ऊर्जा की पुरुष त्रिमूर्ति (masculine trinity) के दुरुपयोग के कारण जो पूर्णता (wholeness) खो गई, उसी ने पुरुष और स्त्री को पदार्थ-लोक (Matter sphere) तक सीमित कर दिया। अपने भीतर स्थित आत्मिक ध्रुव (inner Spirit polar..."
  • 10:2510:25, 13 June 2026 diff hist +1,418 N Translations:Original sin/34/hiCreated page with "ईश्वर की ऊर्जा की पुरुष त्रिमूर्ति (masculine trinity) के दुरुपयोग के कारण जो पूर्णता (wholeness) खो गई, उसी ने पुरुष और स्त्री को पदार्थ-लोक (Matter sphere) तक सीमित कर दिया। अपने भीतर स्थित आत्मिक ध्रुव (inner Spirit polar..." current
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